बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अब कोरोना की जांच तेजी से हो सकेगी। यहां दो और ट्रू नेट मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। अब यहां एक साथ कुल पांच ट्रू नेट मशीनों से जांच हो सकेगी। सुविधा बढ़ने के साथ ही फैसला लिया गया है कि संदिग्ध मरीजों का इलाज भी कोरोना की जांच के बाद शुरू किया जाएगा।
इनमें हॉटस्पॉट, कंटेनमेंट जोन, रेड जोन या ट्रैवेल हिस्ट्री वाले मरीज शामिल होंगे। इसके अलावा इलाज के दौरान किसी की मौत होने पर भी कोरोना की जांच के नाम पर ज्यादा समय तक शव मेडिकल कॉलेज में रखना नहीं होगा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इसी से निपटने के लिए कॉलेज प्रशासन ने ट्रू नेट मशीन से संदिग्ध मरीजों की कोरोना जांच करने के बाद ही इलाज शुरू करने का फैसला किया है। इतना ही नहीं संदिग्ध मरीज की मौत हो जाने पर उसकी भी जांच जल्दी हो सकेगी। इससे शव को सात-आठ घंटे सुरक्षित रखना नहीं पड़ेगा।