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Gorakhpur News: राप्ती नदी के गुरु गोरक्षनाथ घाट पर गुंबद गिरने से दो अधिवक्ताओं की मौत, हंगामा

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गोरखपुर। राप्ती नदी के राजघाट स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार पूर्वांह्न करीब 11:45 बजे गुंबद गिरने से अधिवक्ता आलोक अस्थाना (45) और संजय सिंह (42) की मलबे में दबकर मौत हो गई। मौत के बाद परिजन और साथी अधिवक्ताओं ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी के सामने सड़क जाम कर हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मशक्कत के बाद समझा-बुझाकर शांत कराया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में सीएमओ, मेडिकल स्टॉफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया है और डीएम ने घाट पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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राप्ती नदी स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार पूर्वांह्न करीब 11:45 बजे गुंबद गिरने से अधिवक्ता घायल हो गए। आनन-फानन में दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने अधिवक्ता आलोक अस्थाना (45) को मृत घोषित कर दिया जबकि संजय सिंह का उपचार के दौरान रात करीब नौ बजे मौत हो गई। दोनों अधिवक्ता अपने साथी विनोद त्रिपाठी की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घाट पर गए थे।
इधर, दोपहर में आलोक की मौत पर उनके परिजन और साथी अधिवक्ताओं ने इलाज में लापरवाही और समय से एंबुलेंस न पहुंचने का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल के इमरजेंसी के सामने सड़क जाम कर दी। अधिवक्ताओं का आरोप था कि समय पर इलाज और एंबुलेंस की सुविधा मिलती तो आलोक की जान बचाई जा सकती थी। शाम तक मामले में आलोक की पत्नी शालिनी की तहरीर पर सीएमओ और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद हंगामा शांत हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया। आलोक शाहपुर के राप्तीनगर के रहने वाले थे। घायल अधिवक्ता संजय सिंह शाहपुर के शक्तिनगर कॉलोनी निवासी संजय सिंह हैं।
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बिजली गिरने के बाद भरभरा कर गिरा गुंबद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार सुबह बारिश के दौरान बिजली गिरने (आकाशीय) के बाद गुंबद भरभरा कर गिर गया। मलबे में आलोक और संजय दब गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को बाहर निकाला। परिजन का आरोप है कि घटना के बाद एंबुलेंस के लिए कॉल की गई लेकिन वह समय से नहीं पहुंची। इसके बाद दोनों घायलों को निजी साधन से जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां भी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। परिजन के मुताबिक, दोनों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस के लिए आधे घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। बाद में एंबुलेंस से आलोक को बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आलोक के सिर और सीने में चोट लगी थी जबकि संजय के सिर, हाथ और पैर में चोट आई है।




मेयर, डीएम और एसपी सिटी पहुंचे जिला अस्पताल हादसे की जानकारी मिलने पर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, डीएम दीपक मीणा और एसपी सिटी निमिष पाटील जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी ली। डीएम ने घायल अधिवक्ता संजय सिंह का बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर हाल-चाल जाना। उन्होंने प्रधानाचार्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज को निर्देश दिया कि स्वयं अपनी निगरानी में अधिवक्ता का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए। वरिष्ठ चिकित्सकों की ओर से 24 घंटे लगातार निगरानी की जाए, हालांकि रात नौ बजे के करीब संजय सिंह की भी मौत हो गई। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



सीएम ने जताया दुख, मृतक के परिजनों को सहायता राशि देने के निर्देश
हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए आकाशीय बिजली से मृत्यु की दशा में चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि मृतकों के परिजन उपलब्ध कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर दी गई है। स्थानीय स्तर पर हर संभव मदद करने के साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच-पांच लाख रुपये की सहायता के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।



प्रथम दृष्टया बिजली (आकाशीय) गिरने से हादसा हुआ है। मामले में मृतक की परिजन की तहरीर पर सीएमओ और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। घाट का निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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- दीपक मीणा, डीएम
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