एनजीटी के आदेश के बाद बंधे से कूड़े को हटाने की प्रक्रिया हुई है शुरू
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर नगर निगम, एकला बंधे पर के कूड़े का निस्तारण करा रहा है। फर्म बंधे पर ही कूड़ा अलग कर रही है और रीफ्यूज्ड डेराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) बनाने में इस्तेमाल होने वाले कूड़े को यहीं से कंपनियों के पास भेज रही है। नगर निगम ने यह कवायद एनजीटी द्वारा जुर्माने की कार्रवाई के बाद शुरू की है।
दुर्गंध से लोगों को मिलेगी निजात
एकला बंधे पर कूड़ा गिराए जाने से इसके आसपास के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। इससे उठने वाली दुर्गंध की वजह से लोगों को घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। वहीं, जब कूड़े में आग लग जाती है तो सांस लेने तक में भी परेशानी होती है। नगर आयुक्त ने कहा कि जल्द ही लोगों को इस समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
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यह है पौधरोपण की मियावाकी पद्धति
डीएफओ विकास यादव ने बताया कि मियावाकी पद्धति पौधरोपण की जापानी विधि है। यह पद्धति जंगलों को तेजी से बढ़ाने, घने और प्राकृतिक बनाने में मदद करता है। इसके तहत प्रति वर्गमीटर में तीन से पांच पौधे लगाते हैं। पौधों की ऊंचाई 60 से 80 सेंटीमीटर होती है। इसमें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रजातियों के 40 से 50 फीसद पौधे लगाए जाते हैं। मियावाकी पद्धति में उपयोग किये जाने वाले पौधे ज्यादातर आत्मनिर्भर होते हैं और उन्हें खाद एवं जल देने जैसे नियमित रख-रखाव की आवश्यकता नहीं होती।