एकला बांध पर कूड़े के वजन की जानकारी के लिए नगर निगम ने एक निजी एजेंसी और एक सरकारी एजेंसी से जांच की थी। निजी एजेंसी ने एकला बांध पर 33 हजार टन कूड़ा होने की जानकारी दी थी। सरकारी एजेंसी ने कूड़े की मात्रा दो लाख 36 हजार टन बताई थी।
अब नगर निगम के अफसरों का कहना है कि जिस फर्म को ठेका मिलेगा, उसी पर कूड़े की मात्रा की जांच की भी जिम्मेदारी रहेगी। यह फर्म बांध पर ही कूड़ा अलग करेगी और बायो सीएनजी फ्यूल बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान को यहीं से सीमेंट कंपनियों को भेजेगी। फर्म बड़ी-बड़ी जाली लगाकर कूड़े को अलग करेगी। पॉलीथिन, कपड़ा आदि वस्तुओं को सीमेंट फैक्ट्रियों में भेज दिया जाएगा।
ईंट, गिट्टी, लोहा, शीशा को अलग कर इसका इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा बची मिट्टी को जरूरत के अनुसार नगर निगम की जमीन पर भराव के काम में इस्तेमाल किया जाएगा।
नगर आयुक्त गौरव सिंह ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन से चार महीने में कूड़े का निस्तारण कराने की तैयारी है। सहजनवां के सुथनी में शॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का काम भी तेजी से पूरा कराया जाएगा।