महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़ में बीएड विभाग और उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से 15 एवं 16 अक्तूबर को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। इस दौरान देश भर के विद्वान जुटेंगे और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर मंथन कर बहुमूल्य सुझाव देंगे।
राष्ट्रीय संगोष्ठी की आयोजन समिति की संयोजक एवं सचिव शिप्रा सिंह ने बताया कि ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं उसका कार्यान्वयन’ विषय पर केंद्रित इस आयोजन में दो दिन तक 21 विभिन्न उप विषयों पर देश के ख्यातिलब्ध विद्वान अपने शैक्षिक अनुभव को परस्पर साझा करेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में संगोष्ठी के निष्कर्ष को व्यावहारिक रूप में लागू भी किया जाएगा।
इस आयोजन में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों के प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रारंभिक बाल्यावस्था की शिक्षा से लेकर वैश्विक स्तर तक भारत की भूमिका जैसे कुल 21 उप विषयों या शीर्षकों पर शोध प्रपत्र भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
इनकी रहेगी मौजूदगी
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पूर्व अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के शिक्षा सलाहकार प्रो. डीपी सिंह, भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो. संजय सिंह, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य एवं जेएनयू में सेंटर ऑफ पर्सियन एंड सेंट्रल एशियन स्टडीज के प्रो. मजहर आसिफ, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के पूर्व अध्यक्ष प्रो. सदानन्द प्रसाद गुप्त, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च एंड गवर्नेंस नई दिल्ली के डायरेक्टर डॉ रामानंद, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी बिहार के प्रो. आशीष श्रीवास्तव (डीन, स्कूल ऑफ एजुकेशन), शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ में शिक्षा संकाय की डीन प्रो. रजनी रंजन सिंह, भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रो. राजशरण शाही समेत कई शिक्षाविदों का मार्गदर्शन इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्राप्त होगा।