दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध दो महाविद्यालय खुलने जा रहे हैं। इसका प्रबंधन और संचालन विश्वविद्यालय खुद ही करेगा। इन महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालय का दर्जा प्राप्त होगा। ये महाविद्यालय कुशीनगर और देवरिया में खोले जाएंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करनी शुरू कर दी है। कुशीनगर के रामकोला, बरडीहा में बने राजकीय महाविद्यालय को संघटक महाविद्यालय के रूप में तब्दील करने का निर्णय लिया जा चुका है। देवरिया में भी जल्द एक राजकीय महाविद्यालय को चुना जाएगा।
दरअसल, शासन ने प्रदेश के 13 राज्य विश्वविद्यालयों के कार्यक्षेत्र में दो-दो संघटक महाविद्यालय खोले जाने का निर्णय लिया है। आधारभूत संरचना के तौर पर शासन नवनिर्मित व निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालय विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपने जा रहा है।
दिशा-निर्देश के मुताबिक यह महाविद्यालय विश्वविद्यालय की परिनियमावली के मुताबिक संचालित किए जाएंगे। महाविद्यालय का संपूर्ण प्रशासकीय, वित्तीय और शैक्षणिक नियंत्रण विश्वविद्यालय के हाथों में होगा। महाविद्यालय के पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के परिनियमों के अंतर्गत संचालित होंगे। परीक्षा से लेकर डिग्री देने तक की व्यवस्था भी विश्वविद्यालय ही करेगा।