उधर, दिलीप को भी घटना की जानकारी नहीं दी गई। उसे तीनों के बीमार होने की जानकारी दी गई, जिसके बाद से वह भी घर के लिए चल दिया है। दोनों बच्चों का शव घर पर ही रखा गया है, पिता के आने के बाद पोस्टमार्टम कराने का निर्णय होगा।
एसपी साउथ जितेंद्र कुमार ने कहा कि कमरे में अलाव जलाकर महिला बच्चों के साथ सोई थी। दम घुटने से दोनों बच्चों की मौत हो गई है, जबकि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। पिता के आने के बाद पोस्टमार्टम पर निर्णय लिया जाएगा।
दो बच्चों को खाना खिलाने के बाद साथ लेकर कमरे में सोई राधिका की आंख अस्पताल में खुली। उसे अस्पताल लाने की वजह पूछी। जब घटना के बारे में बताया गया तो उसने अपने बच्चों के बारे में पूछा। उसे सदमा न लगे इस वजह से डॉक्टर ने बच्चों की मौत की जानकारी नहीं दी। पुलिस भी पूछताछ के लिए गई तो यही बताया कि बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और घर पर हैं। लेकिन, वह बार-बार बच्चों को दिखाने की बात कह रही है।
घरवाले किसी तरह उसे समझा कर शांत करा रहे हैं। उधर, पति दिलीप को भी बच्चों की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में है। पलक झपकते ही एक हंसता खेलता परिवार बर्बाद हो गया।
राधिका बताती है कि रात में अलाव लेकर वह कमरे में चली गई थी। उसके बाद क्या हुआ, उसे कुछ भी याद नहीं है। पड़ोस में घर बनाकर रहने वाले दिलीप के भाई बताते हैं, सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुला और एक बार तेजी से खट से कुछ गिरने से आवाज आयी थी। इसके बाद ही वह गए और आवाज दी लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके बाद अन्य भाइयों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा तो तीनों बेसुध बिस्तर पर पड़े थे। तीनों को अस्पताल ले गए, जहां बच्चों अंश और अंतिका को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।