कोरोना पॉजिटिव आने वाले एक बंदी को कैंपियरगंज पुलिस ने किशोरी के अपहरण के आरोप में आठ जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेजवाया था। वह इलाके के बलुआ का रहने वाला है। वहीं दूसरे बंदी को आठ जुलाई को गोला पुुलिस ने दहेज हत्या, दहेज उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजवाया था। वह चाड़ी का रहने वाला है। अस्थायी जेल में रखे जाने के बाद दोनों की नौ जुलाई को टीबी अस्पताल में जांच कराई गई थी। जिसमें एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दोनों को मुख्य जेल में शिफ्ट कराया गया था।
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अन्य बंदियों की भी होगी जांच
एंटीजेन रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दस जुलाई को दोनों को मुख्य जेल की मिलेनियम बैरक में भेजा गया था। रविवार को दोनों की पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। जिसके बाद दोनों को अस्पताल भेजा गया। जेल प्रशासन के अनुसार दोनों में कोरोना का एक भी लक्षण नहीं दिखाई दे रहा है। इसलिए अन्य बंदियों की भी जांच का निर्णय लिया गया है। वहीं अस्थायी जेल में आए करीब सौ बंदियों में से अधिकांश मुख्य जेल जा जा चुके हैं। रविवार की शाम तक केवल 17 बंदी ही अस्थायी जेल में थे।
दोनों बंदियों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्हें मुख्य जेल लाया गया था। अब उनकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पॉजिटिव आ गई है। लिहाजा मुख्य जेल से उन्हें रेलवे अस्पताल भर्ती कराया गया है। जिस मिलेनियम बैरक में ये अन्य पचास बंदियों के साथ थे उनकी भी जांच कराई जाएगी। साथ ही अस्थायी जेल, मुख्य जेल को सैनिटाइज कराया जाएगा।
- डॉ रामधनी, प्रभारी डीआईजी जेल/ वरिष्ठ जेल अधीक्षक