रामगढ़ताल इलाके में नकली नोट बनाने का मामला, दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
रोजगार नहीं मिला तो आशुतोष ने सट्टेबाजी में लगाए रुपये, नुकसान पर नकली नोट बनाने की रची साजिश
गोरखपुर। रामगढ़ताल इलाके में नकली नोट बनाने के मामले में पकड़े गए आरोपी आशुतोष त्रिपाठी को सट्टेबाजी की लत ने अपराध की दुनिया में धकेल दिया। पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला है कि सट्टेबाजी में नुकसान के बाद उसने नकली नोट बनाने और उसे खपाने की साजिश रची। उसने नकली नोट बनाने का तरीका यू-ट्यूब से सीखा था। कोर्ट ने उसे और उसके करीबी अभिषेक शुक्ला को जेल भिजवा दिया है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आशुतोष त्रिपाठी स्नातक और अभिषेक शुक्ला कक्षा 12वीं तक पढ़ा है। दोनों बेरोजगार हैं। आशुतोष त्रिपाठी ने सट्टेबाजी में काफी रुपये लगाए थे। इसमें नुकसान होने के बाद शौक पूरे करने के लिए उसने यह साजिश रची। यू-ट्यूब से उसने नकली नोट बनाने का तरीका सीखा। उसने असली नोट को रंगीन प्रिंट में स्कैन कराया, इसके बाद बाहर से हरे रंग का स्टीकर चिपका दिया। इसके लिए आरोपियों ने पतले पेपर का इस्तेमाल किया था।
बैंककर्मियों ने बताया कि हाथ में नोट लेते ही पता चल जा रहा है कि नकली है। स्टीकर भी निकल जा रहा था। यही कारण है कि आरोपियों की ओर से एटीएम के डिपॉजिट मशीन से रुपये को खाते में जमा कराने की कोशिश की गई लेकिन उसमें लगे सेंसर ने पकड़ लिया। आशुतोष की साजिश थी कि अलग-अलग एटीएम में इसी तरह नोट खपाए लेकिन पहली बार में ही वह पकड़ा गया। थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट ने जेल भिजवा दिया है। मामले की जांच जारी है।
साइबर पुलिस खंगाल रही मोबाइल रिकॉर्ड
अब साइबर पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इनके गिरोह में कोई और भी है या नहीं। यह भी जांची जा रही है कि इन्होंने इसके पहले भी बाजार में कहीं नकली नोट तो नहीं खपाया। हालांकि अब तक की जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने ट्रायल के तौर पर मशीन में नोट डाला था और पहली बार में ही पकड़े गए। यह घटना 20 मार्च की है, जब तारामंडल स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम में 100-100 के पांच नकली नोट जमा किए गए थे। एटीएम सेंसर ने नोटों को पहचान कर अलग कर दिया। 23 मार्च को बैंक कर्मचारियों ने नकली नोटों की पहचान की और आरबीआई को सूचना दी।
ऐसे करें नोट की पहचान
असली और नकली नोट पहचानने के लिए कुछ आसान तरीके हैं। नोट को हल्का झुकाकर देखें। असली नोट में सुरक्षा धारा और पानी के चिह्न होते हैं। उंगलियों से महसूस करें। असली नोट में महसूस होने वाले उभार होते हैं। इसके अलावा, असली नोट में रंग बदलने वाली स्याही और माइक्रोप्रिंट भी होते हैं।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं नकली नोट
3 जुलाई 2022: कैंट पुलिस ने बांसगांव के फफरुद्दीन और बिहार के राजन तिवारी को नकली नोटों के साथ पकड़ा था।
एक दिसंबर 2020: बांसगांव पुलिस ने बेलघाट के बारपार निवासी धर्मपाल को एक लाख रुपये के नकली नोट के साथ पकड़ा था।
एक दिसंबर 2020: सिकरीगंज एरिया में नकली नोट संग सब्जी व्यापारी पकड़ा गया था। 233 नकली नोट बरामद हुए थे।
30 अगस्त 2019: नकली नोटों के साथ बांसगांव एरिया में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया। एक महिला भी पकड़ी गई थी।
27 मई 2018: झंगहा एरिया में सौ- सौ रुपये के चार नोट संग देवरिया, पोखरा निवासी पप्पू निषाद को पुलिस ने पकड़ा। वह कई दिनों से रुपये मार्केट में चला रहा था।