गोरखपुर। चिलुआताल पुलिस ने फर्जी दस्तावेज के सहारे जमीन बेचने के दो आरोपियों को घर से गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान रामडीहा निवासी विनोद सिंह और नारायणपुर निवासी अनिल यादव के रूप में हुई है। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
मामला चिलुआताल थाना क्षेत्र के सिक्टौर निवासी हरीलाल से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिता रामनयन की मृत्यु के वर्षों बाद उनकी जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया गया। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने मृतक पिता के स्थान पर फर्जी व्यक्ति खड़ा कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और कई भूखंडों का बैनामा करा लिया।
हरीलाल ने तहरीर में बताया कि, 20 जनवरी 2024 को आराजी संख्या 374 और 528क स्थित मौजा तालजहदा की जमीन को फर्जी मुख्तारनामा के आधार पर बेच दिया गया। इनमें बैजनाथपुर टोला औरहिया निवासी शैलेंद्र यादव, राज साहनी, प्रयागराज के शुकलपुर नगर निवासी विवेक कुमार मिश्रा, लुधियाना के न्यू प्रतापनगर निवासी हरीश मिश्रा, देवरिया के रामनगर निवासी पिंटू निषाद, इजहार अली, विनोद सिंह, अनिल यादव समेत अन्य लोगों की मिलीभगत सामने आई है।
आरोप है कि 31 जुलाई 2025 को एक अन्य प्रकरण में भी इसी तरह फर्जी व्यक्ति खड़ा कर अतिरिक्त जमीन का बैनामा करा लिया गया। पीड़ित का आरोप है कि इस पूरे षड्यंत्र में कई लोग शामिल हैं, जिन्होंने सुनियोजित तरीके से दस्तावेज तैयार कर उसकी जमीन हड़प ली। बैनामे में गवाह के रूप में भी अलग-अलग लोगों को शामिल किया गया, जिससे मामला और जटिल हो गया।
हरीलाल का आरोप है कि जब धोखाधड़ी का विरोध किया तो मुख्य आरोपी शैलेंद्र यादव की ओर से धमकियां दी जाने लगीं। पुलिस ने इस मामले में बीते 28 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
इस संबंध में सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि दो आरोपियों विनोद सिंह और अनिल यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।