गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु गोरक्षनाथ स्पोर्ट्स फेलोशिप के सुपर 100 में चयनित खिलाड़ियों के ट्रायल एवं प्रमाण पत्रों की जांच होगी। इसके लिए समिति ने 18 मार्च को क्रीड़ा परिषद भवन पर सुबह 11 बजे सभी खिलाड़ियों को खेल एवं शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित होने का कहा है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु गोरक्षनाथ स्पोर्ट्स फेलोशिप के सुपर 100 के तहत चयनित खिलाड़ियों के मूल्यांकन के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति ने सभी 22 खिलाड़ियों को अनिवार्य रूप से 18 मार्च को उपस्थित होने का निर्देश दिया है। वहां उनके सभी खेल और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच होगी। जांच में जिन खिलाड़ियों के प्रमाण पत्र सही पाए जाएंगे, वे ट्रायल में हिस्सा ले पाएंगे। ट्रायल की तिथि की जानकारी खिलाड़ियों को वहीं पर दी जाएगी। इसके बाद ही यह तस्वीर साफ हो पाएगी कि उनमें कितने खिलाड़ी योग्य हैं। जो योग्य होंगे, वे आगे की शिक्षा फेलोशिप के साथ जारी रख सकेंगे, जो ट्रायल में फेल हो जाएंगे उन्हें बिना फेलोशिप के अपनी पढ़ाई जारी रखनी होगी।
खिलाड़ियों के चयन में मिली थी खामियां
डीडीयू में कुलपति प्रो. पूनम टंडन के कार्यभार संभालने के बाद ‘सुपर-100’ खिलाड़ियों के चयन से लेकर पूरी व्यवस्था में कई खामियां उजागर हुई थीं। इसे देखते हुए अक्तूबर की शुरुआत में कुलपति ने जांच समिति गठित कर दी थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट डीडीयू प्रशासन को सौंपी थी। उसके सुझावों के आधार पर जनवरी में मूल्यांकन समिति का गठन किया गया था।
यह है मामला
डीडीयू में गुरु गोरक्षनाथ स्पोर्ट्स फेलोशिप (सुपर 100) योजना को नवंबर 2020 में कार्य परिषद से मंजूरी मिली थी। सत्र 2021-22 और 2022-23 में कुल 35 छात्रों का चयन हुआ, उसमें से 13 बीच में ही छोड़कर चले गए। खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं निःशुल्क दी जाती थीं। दो वर्षों में करीब एक करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि इस दौरान विश्वविद्यालय के लिए खिलाड़ी सिर्फ एक पदक ही ला पाए। इसमें खो-खो, कुश्ती, एथलेटिक्स और फुटबॉल में खिलाड़ी चयनित हुए थे, जबकि इनके प्रशिक्षण के लिए जिम्नास्टिक और योग के विशेषज्ञ रखे गए थे।