कोरोना महामारी के बीच जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को कोरोना के पुराने प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। इसे लेकर जिला अस्पताल और कॉलेज प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं। इलाज के लिए आने वाले मरीज और तीमारदार मास्क जरूर लगाएं। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इससे संक्रमण से बचा जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना मरीजों की संख्या दिल्ली, मुंबई, नोएडा में बढ़ती जा रही है। जिले में भी दो दिनों के अंदर मरीज मिले हैं। इसकी वजह से जिला अस्पताल प्रशासन ने यह फैसला लिया है कि, जो मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं उनकी स्क्रीनिंग कराई जाए। साथ ही पहले से तय ट्रायिएज एरिया को और भी मजबूती के साथ संचालित किया जाए। दूसरे प्रदेशों से आने वाले मरीजों की तत्काल एंटीजन किट से जांच कराई जाए।
संदिग्ध लगने पर आरटीपीसीआर से जांच के लिए सैंपल भेजा जाए। इसके अलावा सभी चिकित्सकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह ओपीडी और आईपीडी में अगर मरीजों को देखते है तो कोविड प्रोटोकॉल का पालन खुद करते हुए मरीजों से भी कराएं। सोशल डिस्टेंसिंग हर हाल में बनाएं, साथ ही बिना मास्क से आने वाले मरीजों को न देखें। यह निर्देश बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने भी जारी किया है।
एक मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को मिलेगी इंट्री
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज कैंपस में एक मरीज के साथ केवल एक ही तीमारदारों की इंट्री होगी। अगर तीमारदार मास्क नहीं लगाते हैं तो उन्हें इंट्री नहीं दी जाएगी। बताया कि लोग लापरवाह हो गए हैं। मरीजों के साथ कई तीमारदार पहुंच रहे हैं। इसकी वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है की कोविड के पुराने प्रोटोकॉल को लागू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल सीएमएस डॉ. अंबुज श्रीवास्तव ने कहा कि मरीजों के साथ केवल एक ही तीमारदार जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए। कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें। इससे संक्रमण का खतरा कम रहेगा। ओपीडी में आने वाले मरीज मास्क जरूर लगाएं।