मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने अपना निरीक्षण भटनी जं से शुरू किया। उन्होंने नवनिर्मित स्टेशन पैनल, रिले रूम, इंटिग्रेटेड पावर सप्लाई यूनिट रूम, रूट रिले इंटरलॉकिंग, प्लेटफॉर्म क्लियरेंस आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद पुश ट्रॉली से भटनी-पिवकोल रेल खंड का निरीक्षण शुरू हुआ।
भटनी-पिवकोल लाइन पर अब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चल सकेगी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल स्थित भटनी-पिवकोल स्टेशनों के मध्य 07 किमी बाईपास लाइन एवं 05 किमी दोहरीकरण कार्य का बुधवार को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त, लखनऊ जनक कुमार गर्ग ने निरीक्षण किया। सीआरएस निरीक्षण व स्पीड ट्रायल पूरा होने के बाद अब इस रूट पर ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो जाएगा।
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मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने अपना निरीक्षण भटनी जं से शुरू किया। उन्होंने नवनिर्मित स्टेशन पैनल, रिले रूम, इंटिग्रेटेड पावर सप्लाई यूनिट रूम, रूट रिले इंटरलॉकिंग, प्लेटफॉर्म क्लियरेंस आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद पुश ट्रॉली से भटनी-पिवकोल रेल खंड का निरीक्षण शुरू हुआ। समपार फाटक सं- 117ए/टी-3 का निरीक्षण किया। गेटमैन अमित मिश्रा से संरक्षा संबंधित प्रश्न पूछा।
मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने अपने सीआरएस स्पेशल से इस दोहरीकृत रेल खंड की अप/डाउन लाइन एवं नव निर्मित बाईपास लाइन का पूरी गति से स्पीड ट्रायल सफलता पूर्वक संपन्न किया।
ये अफसर रहे मौजूद
इस निरीक्षण के समय मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण एससी श्रीवास्तव, प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरवीएनएल कमल नयन, मंडल रेल प्रबंधक/वाराणसी विनीत कुमार श्रीवास्तव, मुख्य निदेशक प्लानिंग इंजीनियर सुरेश कुमार, मुख्य सिगनल इंजीनियर ज्ञान प्रकाश शिवनारायण, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी आशीष पांडेय, मुख्य परियोजना प्रबंधक रेल विकास निगम लिमिटेड एसपी एस यादव समेत कई वरिष्ठ अफसर मौजूद रहे।