गोरखपुर। नकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा (215) किमी लंबे रेल ट्रैक पर डबल लाइन बिछाने के लिए लिडार सर्वे के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। डीपीआर को परीक्षण कराने के बाद इस सप्ताह रेलवे बोर्ड भेजने की तैयारी है। उम्मीद की जा रही है कि अगले साल डबल लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। इसके बनने से बिहार से लखनऊ-दिल्ली-मुंबई जाने वाली ट्रेनों को चलाने के लिए रेल प्रशासन को एक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा।
नकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा रेल लाइन तीन जिलों गोरखपुर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर को गोंडा से जोड़ती है। लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सर्वे पूरा होने के बाद अब डीपीआर तैयार कर लिया गया है। तकनीकी टीम डीपीआर का परीक्षण करेगी इसके बाद रेलवे बोर्ड भेजा जाएगा।
नकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा रूट पर 12 से ज्यादा एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें चल रही हैं। इसमें गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, आनंद विहार टर्मिनल हमसफर एक्सप्रेस, गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस, गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस, गोमतीनगर इंटरसिटी प्रमुख हैं। अभी सिंगल ट्रैक होने की वजह से इस रूट पर ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। डबल लाइन हो जाने से इस रूट पर ट्रेनों का संचलन और आसान हो जाएगा। यात्री ट्रेनों के साथ ही मालगाड़ियों के संचलन की भी राह आसान हो जाएगी।
बोले सीपीआरओ
नकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा रेल लाइन के दोहरीकरण का डीपीआर जल्द ही रेलवे बोर्ड को भेज दिया जाएगा। इस लाइन के बनने से एक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा।
सुमित कुमार, सीपीआरओ, एनईआर