गोरखपुर। डीएम दीपक मीणा ने जनसुनवाई के दौरान सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे की ओर से उनकी जमीनों पर बिना स्पष्ट जानकारी और सहमति के पत्थर लगाए जा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया।
डीएम ने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक संबंधित जमीनों पर पत्थर लगाने का कार्य पूरी तरह रोक दिया जाए। जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए तथा प्रभावित लोगों के पक्ष को प्राथमिकता के साथ सुना जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में किसानों और ग्रामीणों के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा। दरअसल, रेलवे की ओर से रेल लाइन निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीनों पर निशानदेही को लेकर पत्थर लगाए जा रहे हैं। इसके पहले भी ग्रामीणों ने अंडरपास की जगह ओवरब्रिज बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। सहजनवा विधायक प्रदीप शुक्ल ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया था और अधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया था।