सूत्रों ने बताया कि तेल व्यापारी बनारस की कंपनी जेवीएल से तेल स्टॉक की बुकिंग फोन से करते थे। स्थानीय व्यापारी के पास प्रतिदिन तेल का भाव मोबाइल पर आ जाता था। इसी के अनुसार प्रतिदिन के स्टॉक की बुकिंग फोन से करते थे। कंपनी से डिपो तक तेल फर्म और व्यापारी के नाम से भेजा जाता था। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई इन व्यापारियों के फोन रिकार्ड भी खंगाल सकती है।
स्थानीय जीएसटी टीम से नहीं किया संपर्क
जीएसटी के एक अधिकारी ने बताया कि सीबीआई ने अभी तक उनसे संपर्क नहीं किया है। जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज कंपनी का बनारस की जीएसटी टीम ने दस्तावेज खंगाला है। सीबीआई उनसे संपर्क करेगी, तो संबंधित फर्मों की जीएसटी की डिटेल खंगाली जाएगी।
ये रिकॉर्ड सीबीआई में करने हैं जमा
- 2011 से 2018 तक का संपूर्ण टर्नओवर
- झूला वनस्पति से खरीदे गए तेल का बिल, बाउचर और अन्य डिटेल
- झूला कंपनी के साथ वार्षिक लेन देन के बैंक एकाउंट का ब्योरा
- प्रति माह झूला वनस्पति से की गई खरीदारी और जीएसटी रिकार्ड
- प्रति वर्ष के आयकर रिटर्न की जानकारी
- झूला वनस्पति से कई गई खरीदारी के तीन का रिकार्ड
- खरीदारी और राजस्व लेन देने की प्रमाणित प्रति
एडिशनल कमिश्नर जीएसटी देवमणि शर्मा ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की तरफ से किसी भी व्यापारी के व्यापार से संबंधित जानकारी नहीं मांगी गई है। हमारी टीम दूसरे अभियान में लगी हुई है। जेवीएल एग्रो कंपनी के साथ व्यापारियों के व्यावसायिक ब्योरे (जीएसटी) का रिकार्ड सीबीआई मांगेगी, तो विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।