व्यापारियों को समझाते एसएसबी जवान।
- फोटो : अमर उजाला।
भारत-नेपाल सीमा सोनौली सहित नेपाल की सभी सरहद से आवागमन पर दोनों देशों की तरफ से रोक लगी है। फिर भी दोनों देश के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी आवागमन में कुछ राहत दे रखी थी। पिछले कई दिनों से इस छूट का लाभ कुछ लोग गलत ढंग से उठाने लगे थे। लिहाजा एसएसबी जवानों ने अब कड़ाई से रोक लगा दी है। मंगलवार को स्थानीय व्यापारी इस पर एतराज जताते हुए सीमा पर पहुंचकर हंगामा करने लगे।
मौके पर पहुंची सोनौली पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर सीमा से वापस किया। मंगलवार की दोपहर में सीमा पर कड़ाई करते हुए एसएसबी जवानों ने आवागमन रोक दिया और सिर्फ भारतीय दूतावास, डीएम और प्रशासन के पत्र की जांच के बाद नेपाल से आने वाले लोगों को ही भारत में इंट्री मिली।
व्यापारी नेता विजय रौनियार, व्यापार मंडल के तहसील अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया कि नेपाल के नागरिक एवं पूर्व सैनिक सोनौली नगर में बैंक सहित दवा खरीदने आते हैं। साथ ही अन्य जरूरी सामान की खरीदारी करते हैं, लेकिन एसएसबी के अधिकारी उन्हें भारत की सीमा में प्रवेश नहीं दे रहे हैं। सीमा पर नेपाली नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इससे दोनों देशों के संबंधों में खटास पैदा हो रही है।
कोतवाल धनंजय सिंह ने बताया कि कोरोना के कारण सीमा सील है। प्रशासन के आदेश के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। एसएसबी अपना काम कर रही है। व्यापारियों को समझा-बुझाकर भेज दिया गया है।
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