दसवीं की संयुक्त टॉपर कशिश श्रीवास्तव अपने परिवार के साथ
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दसवीं में संयुक्त रूप से जिला टॉपर कशिश श्रीवास्तव ने कहा कि पढ़ाई को घंटों के हिसाब से नहीं देखा जाना चाहिए। आप जितनी भी देर पढें, पूरा फोकस करें। मैंने यही किया है और परिणाम सभी के सामने है। मेरा सपना आगे चलकर वैज्ञानिक बनने का है। रिसर्च की फिल्म में असीम संभावनाएं हैं।
सहारा इस्टेट पर बड़े पिता डॉ. अरुण श्रीवास्तव और मां रीनू श्रीवास्तव के साथ रहने वाली कशिश ने बताया कि एक साल पहले बीमारी की वजह से उनकी मां का निधन हो गया। उस वक्त लगा कि जैसे दुनिया ही खत्म हो गई। ऐसे में बड़ी मां और पिता ने उनकी कमी नहीं अखरने दी। उन्होंने हमेशा संभाला।
उनके मार्गदर्शन से ही ये सफलता मिली है। कशिश की बड़ी बहन संस्कृति तरुण श्रीवास्तव ने भी इस साल इंटर की परीक्षा दी है। उन्होंने 96 प्रतिशत लाकर स्कूल में अपना परचम लहराया है।