अवैध कब्जे करने वाले जिसकी सरकार रहती उसी के दरबारी बन जाते है। बसपा शासनकाल में स्व. एक विधायक, सपा शासनकाल में संगठन के एक बड़े नेता, जनप्रतिनिधि और भाजपा में कुछ जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं का इन्हें खुला संरक्षण प्राप्त है। चर्चा है कि संरक्षण देने वाले नेताओं को गाड़ी से लेकर उनका पूरे खर्च का भार ऐसे भू माफिया और कुछ ठेकेदार उठाते है।
ऐसे नेता इन्हें अपने बगल की कुर्सी पर न केवल बैठाते बल्कि अधिकारियों को फोन कर इनकी पैरवी करते है। एक प्रशासनिक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें कुछ माह पहले एक जनप्रतिनिधि ने फोन कर कहा कि आपसे एक भू माफिया का नाम लेकर मिलेंगे शहर के संमानित व्यक्ति है। इनका ख्याल रखिएं। सच्चाई जो भी हो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के राज में सरकार की प्रतिष्ठा को ऐसे ही नेता धूमिल करनें में जुटें है।
जेई आरके श्रीवास्तव ने कहा आवासीय नक्शा पास कराकर कामर्शियल बिल्डिंग खड़ी करने वाले कुछ लोग चिहिंत किये गए है। ऐसे लोगों को नोटिस दी जा रहीं है। अवैध कब्जा के 900 मुकदमें चल रहें है। इसमें 70 से अधिक आवासीय भूंखड पर नक्शा पास कराकर कामर्शियल यूज करने का है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम सदर सौरभ सिंह आवासीय भूखंडों पर कामर्शियल बिल्डिंग खड़ी करने की सूचना संज्ञान में है। कुछ लोगों से कागजात मांगे गए है। ऐसे लोगों को नोटिस देने का निर्देश मास्टर प्लान के जेई को दिया गया है। मास्टर प्लान पहले भी कई लोगों को नोटिस जारी कर चुका है। जवाब आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।