फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी के इस जिले में टॉप टेन भू-माफियाओं ने बिगाड़ दी शहर की सूरत!

Sat, 16 Jan 2021 02:47 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सारे नियम धड़ाम हो गए हैं। अवैध कब्जे और निर्माण सरेआम हो रहे है। शहर की हालत ऐसी हो गई है कि दस से बारह भू- माफियाओं ने शहर की सूरत ही बिगाड़ कर रख दिया है। इन्हें सत्ताधारी दल के नेताओं का संरक्षण हर सरकार में मिल जाता है। आंकड़ों पर गौर करें तो शहर में तकरीबन 100 ऐसे मामले हैं जहां आवासीय भूखंडों पर कामर्शियल बिल्डिंग ऐसे लोगों ने खड़ी कर दिया है। मास्टर प्लान ऐसे कुछ लोगों को नोटिस देने की तैयारी में जुट गया है।

विज्ञापन


शहर में अवैध निर्माण के तकरीबन 2000 से अधिक मामले है। इसमें 900 मामलों में तो केस नियम प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र के यहां लंबित है। इसमें तकरीबन 100 ऐसे मामले है जिसमें आवासीय भूखंडों पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग खड़ी दुकानें कथित भू-माफियाओं ने लोगों को बेच दिया है।

प्रशासन अब दुकानों को खरीदने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में जुटा है। अवैध निर्माण और मनमानी कब्जे विभागों की निगरानी व्यवस्था में भष्ट्राचार की पोल खोल रहे है। मानकों के विपरीत निर्माण की निगरानी रखने के लिए मास्टर प्लान सिर्फ सूची तैयार कर नोटिस जारी करने में सिमट कर रह गया है। इसका नतीजा है कि अवैध निर्माण धड़ल्ले से सरेआम हो रहे हैं।
विज्ञापन


शहर में आवासीय भूखंडों पर कामर्शियल बिल्डिंग खड़ी करने पर गौर करें तो नगरपालिका के निकट, लोक निर्माण विभाग से थोड़ी दूर पर दानोपुर, सीसी रोड, भुजौली कालोनी, हनुमान मंदिर के निकट, रामलीला मैदान, मालवीय रोड, रूद्रपुर मोड़ के निकट सहित कई ऐसे स्थान हैं, जहां आवासीय भूखंडों पर अवैध निर्माण के मामले मास्टर प्लान के संज्ञान में आया है। मनमाने कब्जे मास्टर प्लान विभाग में व्याप्त भष्ट्राचार की पोल खोल रहे है।

सूत्रों की मानें तो आवासीय भूखंड़ों पर दुकान बनाकर लोगों से 25 से 40 लाख लिया गया है। उन्हें नियमों के विपरीत रजिस्ट्री भी की गई है। कागजों में रजिस्ट्री जमींन की दर्शाया गया है जबकि वह दुकानें है। इस गंभीर मामलों की जानकारी मास्टर प्लान एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी हैं। लेकिन ऐसा करने वाले कुछ अधिकारियों के आवास पर मड़राते रहते है। अफसरों से उन्होंने अच्छी पहचान बना लिया है।



 

विज्ञापन

कुछ सफेदपोशों का पूरा खर्च उठाते ऐसे भू- माफिया

अवैध कब्जे करने वाले जिसकी सरकार रहती उसी के दरबारी बन जाते है। बसपा शासनकाल में स्व. एक विधायक, सपा शासनकाल में संगठन के एक बड़े नेता, जनप्रतिनिधि और भाजपा में कुछ जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं का इन्हें खुला संरक्षण प्राप्त है। चर्चा है कि संरक्षण देने वाले नेताओं को गाड़ी से लेकर उनका पूरे खर्च का भार ऐसे भू माफिया और कुछ ठेकेदार उठाते है।

ऐसे नेता इन्हें अपने बगल की कुर्सी पर न केवल बैठाते बल्कि अधिकारियों को फोन कर इनकी पैरवी करते है। एक प्रशासनिक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें कुछ माह पहले एक जनप्रतिनिधि ने फोन कर कहा कि आपसे एक भू माफिया का नाम लेकर मिलेंगे शहर के संमानित व्यक्ति है। इनका ख्याल रखिएं। सच्चाई जो भी हो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के राज में सरकार की प्रतिष्ठा को ऐसे ही नेता धूमिल करनें में जुटें है।

जेई आरके श्रीवास्तव ने कहा आवासीय नक्शा पास कराकर कामर्शियल बिल्डिंग खड़ी करने वाले कुछ लोग चिहिंत किये गए है। ऐसे लोगों को नोटिस दी जा रहीं है। अवैध कब्जा के 900 मुकदमें चल रहें है। इसमें 70 से अधिक आवासीय भूंखड पर नक्शा पास कराकर कामर्शियल यूज करने का है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम सदर सौरभ सिंह आवासीय भूखंडों पर कामर्शियल बिल्डिंग खड़ी करने की सूचना संज्ञान में है। कुछ लोगों से कागजात मांगे गए है। ऐसे लोगों को नोटिस देने का निर्देश मास्टर प्लान के जेई को दिया गया है। मास्टर प्लान पहले भी कई लोगों को नोटिस जारी कर चुका है। जवाब आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें