उत्तर प्रदेश बोर्ड : यूपी बोर्ड
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यूपी बोर्ड ने वर्ष-2021 के दसवीं और बारहवीं के परीक्षाओं के लिए पंजीकृत परीक्षार्थियों के नामों में वर्तनी की गलतियों को सुधारने को मौका दिया है। साथ ही यह निर्देश भी दिया गया हैं कि माध्यमिक शिक्षा परिषद से भिन्न किसी अन्य बोर्ड से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके परीक्षार्थियों को संबंधित बोर्ड से जारी अंकपत्र को परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। वर्तनी में संशोधन और मार्कशीट अपलोड करने की प्रक्रिया को 17 जून तक पूरा किया जा सकता है।
कई विद्यार्थियों ने यूपी बोर्ड से भिन्न अन्य बोर्ड से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। यह व्यवस्था ऐसे ही छात्रों के लिए लागू की गई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी प्रधानाचार्य ऑनलाइन अपलोड कराए गए परीक्षार्थियों के नामों के विवरणों का मिलान विद्यालय के मूल अभिलेखों से कर परीक्षार्थियों के नाम, उनके माता-पिता के अंग्रेजी एवं हिंदी में अपलोड नामों की वर्तनी की गलतियों को वेबसाइट पर ही ऑनलाइन सुधारेंगे। परीक्षार्थियों के नामों में पूर्ण परिवर्तन नहीं किया जा सकता है।
वर्ष 2021 की इंटरमीडिएट संस्थागत एवं व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के विवरण ऑनलाइन अपलोड किए जाने के दौरान हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण करने का वर्ष, अनुक्रमांक एवं संबंधित बोर्ड का नाम अपलोड कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। सचिव की ओर से का कहा गया है कि जिन विद्यालयों ने परीक्षार्थियों के हाईस्कूल से संबंधित इन तीनों विवरण को अपलोड नहीं किया है या त्रुटिपूर्ण अपलोड किया है, वे इसकी जांच कराके संशोधित विवरण पुन: अपलोड करें।
इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबंधित हाईस्कूल परीक्षा के जिन परीक्षार्थियों के उत्तीर्ण परीक्षा वर्ष एवं अनुक्रमांक अपलोड कराए गए हैं, उनकी सत्यता की शतप्रतिशत जांच विद्यालय के अभिलेखानुसार मूल अंकपत्रों से करा ली जाए और उसे संशोधित कर वेबसाइट पर विवरण पुन: अपलोड किया जाए।