स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम की ओर से 20 कंपैक्टर मशीन वाहन खरीदी गई हैं। इन कंपैक्टर मशीनों के जरिए विभिन्न वार्डों से कूड़े को उठाकर दबाकर छोटे आकार में कर लिया जाएगा। तीन से चार वार्डों के कूड़े को इकट्ठा करने के बाद रोजाना जमा करने पर चार से पांच दिन का कूड़ा इस वाहन में रखा जा सकता है। इसके बाद कूड़े को ट्रेंचिंग ग्राउंड ले जाया जाएगा। इससे नगर निगम को तेल की काफी बचत होगी।
नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का 20-20 लाख रुपये का बीमा
नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का 20-20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा किया गया है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने इस योजना के 2 लाभार्थियों कुसुम श्रीवास्तव और दीन नारायण को प्रमाण पत्र दिया। नगर आयुक्त ने बताया कि पंजाब एंड सिंध बैंक के सहयोग से नगर निगम के सफाई कर्मचारियों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बीमा योजना से आच्छादित किया गया है। वहीं बैंक के चीफ मैनेजर विनय ओझा ने बताया कि पहले चरण में 1200 कर्मचारियों का बीमा किया गया है। इसके अंतर्गत किसी भी दुर्घटना में मृत्यु या पूरी तरह से अपंगता होने पर बीमा की राशि के रूप में लाभार्थी के परिजनों को 20 लाख रुपए दिए जाएंगे।
31 दिसंबर तक पूरा करें नगर निगम सदन के निर्माण का कार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम परिसर में बनाए जा रहे 23.45 करोड़ की लागत से नगर निगम सदन का भी निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) के अधिकारियों से 31 दिसंबर तक भवन के निर्माण कार्य को पूरा कर लेने का निर्देश भी दिया। दरअसल नगर निगम का नए सदन का निर्माण भविष्य की जरूरतों को देखते हुए किया जा रहा है क्योंकि आने वाले समय में नगर निगम के वार्डों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। लिहाजा पार्षदों की संख्या भी बढ़ेगी जो आज के समय के सदन के लिए नाकाफी है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि नगर निगम में शामिल 32 गांव के विकास की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। करीब 193 करोड़ की लागत से इन गांवों के विकास का खाका तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। शासन से फंड रिलीज होते ही विकास कार्यों को मूर्त रूप दिया जाने लगेगा। प्राथमिकता गांवों की सड़कों, नालियों और स्ट्रीट लाइटों को बेहतर करने का है। कोशिश रहेगी कि इन सभी गांवों को उसी तरह से विकसित कर दिया जाए कि नगर निगम के वर्तमान वार्डों की तरह बेहतर नजर आएं।
100 करोड़ की लागत से शहर में होंगे विकास कार्य
नगर आयुक्त ने मुख्यमंत्री को बताया कि 100 करोड़ की योजनाएं लोकार्पण एवं शिलान्यास के लिए तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री को नगर निगम के वाहनों में तेल बचाने के लिए लगाए गए आरएफआईडी के बारे में जानकारी भी दी। बताया कि इस तकनीक को लगाए जाने के बाद नगर निगम को करीब 30000 लीटर डीजल की बचत हुई है ।
मुख्यमंत्री ने ली इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर आयुक्त से गोरखपुर शहर में चलाई जाने वाली इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रगति की भी जानकारी ली। नगर आयुक्त को इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए बनाए जा रहे स्टेशन को 15 जुलाई तक पूरा कर लेने का निर्देश भी दिया। बता दें कि गोरखपुर नगर निगम क्षेत्र में 25 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने के संबंध में शासन ने मंजूरी दे दी है। पूरे प्रदेश में 700 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। लखनऊ में इन बसों का ट्रायल शुरू भी हो चुका है।