गोरखपुर। सितंबर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर इस बार और बड़े स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है। न्यायालय, राजस्व विभाग और बैंकों की ओर से करीब 13 लाख मामलों को चिह्नित किए जाने की संभावना है।
न्यायिक अधिकारियों का फोकस अधिक से अधिक समझौता योग्य मामलों का निस्तारण कर लंबित मुकदमों का बोझ घटाने व राजस्व वसूली बढ़ाने पर है। मई में आयोजित लोक अदालत में अकेले राजस्व विभाग के 11,71,968 मामले चिह्नित किए गए थे। इसके अलावा न्यायालय के 37,255 और बैंकों के 30,370 मामले शामिल थे। इस बार इन आंकड़ों को पार करने की तैयारी है।
12 सितंबर को आयोजित लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायिक अधिकारी इन दिनों ‘चाय पर चर्चा’ अभियान चला रहे हैं। लोगों से संवाद कर उन्हें आपसी सहमति से निस्तारण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इससे अधिक से अधिक पक्षकार लोक अदालत में पहुंचेंगे और रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निस्तारण संभव होगा।