दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह ने सोमवार को लखनऊ में यूजीसी के पूर्व चेयरमैन और मुख्यमंत्री के शिक्षा सलाहकार प्रोफेसर डीपी सिंह से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 15 फरवरी के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय में होने वाले कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में बहुत सारे शिक्षाविद व शिक्षाधिकारी जुटेंगे।
कुलपति ने बताया कि पूर्व यूजीसी चेयरमैन से गोरखपुर को शिक्षा का हब बनाने के संबंध में वार्ता हुई। विद्यार्थियों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों तथा अन्य राज्यों के विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए अलग छात्रावास तथा छात्राओं के लिए विशेष शिक्षा क्षेत्र बनाए जाने पर चर्चा हुई। गोरखपुर में एग्रीकल्चर, वेटरनरी साइंस, फिशरीज, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी साइंस एंड रिसर्च पीएचडी तथा पीडीएफ पाठ्यक्रमों के लिए देश विदेश से विद्यार्थियों को आकर्षित करने की कार्य योजना है।
उन्होंने बताया कि इस कार्य योजना को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की अगुवाई में लागू किया जाएगा। इसमें आयुष विश्वविद्यालय, गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और 10 से 15 प्रमुख महाविद्यालयों को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से जोड़कर कार्य किया जाएगा। इन सभी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों में एंटरप्रेन्योरशिप विकसित करने के लिए इसे गोरखपुर विश्वविद्यालय में संचालित पूर्वांचल इनोवेशन कॉउंसिल से जोड़ा जाएगा।
एजुकेशन कॉन्क्लेव में कुलपति प्रमुख वक्ता के रुप में आमंत्रित
चार फरवरी को लखनऊ में होने वाले एजुकेशन कॉन्क्लेव में गोरखपुर को एजुकेशन हब बनाने के विषय पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह प्रमुख वक्ता होंगे। कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहे प्रोफेसर डीपी सिंह ने यह आमंत्रण दिया है।