प्रशासन के अधिकारियों को लगी भनक, दबाव में की गई कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, ड्रग विभाग से ही यह सूचना प्रशासन के दो बड़े वरिष्ठ अधिकारियों को मिली कि मामले में गठजोड़ किया जा रहा है। इस पर अधिकारियों ने ड्रग विभाग पर दबाव बनाया तो शनिवार को आनन-फानन टीम कार्रवाई के लिए सीएंडएफ पहुंची, जहां से उसे नारकोटिक्स की तीन दवाएं मिलीं, जिसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। बताया जा रहा है कि छापे के दौरान एक दवा व्यापारी नेता भी लैबोरेट के गोदाम पर पहुंचा था और कार्रवाई कर रहे अधिकारियों से वार्ता के बाद चला गया था।
जेनेरिक की जगह फर्म के नाम से बन गई पहचान
भालोटिया में एक बड़ा दवा व्यापारी जेनेरिक दवाओं का काम करता है। जेनेरिक दवाओं में नारकोटिक्स की सभी दवाएं शामिल हैं। उस व्यापारी की पकड़ इतनी तगड़ी है कि लोग कोड वर्ड के तौर पर जेनेरिक की जगह उसके फर्म के नाम का इस्तेमाल करते हैं। फर्म का नाम लेते हुए उसकी दुकान से नारकोटिक्स दवाओं की खेप अन्य छोटे व्यापारियों तक पहुंच जाती है। बताया जा रहा है कि गुप्ता भाइयों को बढ़ाने वाला भी वही है, लेकिन विभाग इस व्यापारी पर हाथ डालने से बच रहा है।
आठ से 10 व्यापारी बड़ी रेंज के साथ करते हैं बड़ा कारोबार
भालोटिया मार्केट में आठ से 10 व्यापारी ऐसे हैं, जो बड़ी रेंज के साथ नारकोटिक्स के दवाओं का काम करते हैं। इन व्यापारियों के पास जेनेरिक दवाओं के बड़े काम हैं। इनके दवाओं की सप्लाई नेपाल से लेकर, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी है। विभाग को इसकी जानकारी हो गई है, लेकिन विभाग इन पर हाथ डालने से कतरा रहा है।
रखना होता है हिसाब, रखते नहीं
सूत्रों के मुताबिक नारकोटिक्स की सभी दवाएं शेड्यूल एच और एक्स में शामिल हैं। इनकी खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड थोक से लेकर फुटकर व्यापारियों को रखना होता है। लेकिन, कोई भी ऐसा नहीं करता। इसकी वजह यह है कि व्यापारी कच्चे सौदे में इनका व्यापार करते हैं। यही कारण है कि विभाग ने सीएंडएफ से तीन साल के दवाओं की खरीद फरोख्त का रिकॉर्ड मांगा है।
जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। जांच में देरी नहीं हुई है। जरूरत के मुताबिक अन्य दुकानों की जांच की जाएगी। विभाग अपने स्तर से जांच कर रहा है। तीन दिन में संचालक मनीष केडिया से दवाओं की खरीद-फरोख्त का हिसाब मांगा गया है। हिसाब देने के बाद जांच का दायरा तेज होगा। मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। - एजाज अहमद, सहायक आयुक्त औषधि