गोरखपुर। राजघाट स्थित राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्र (पुरुष) से सोमवार रात भागे चार संवासियों (युवकों) में पुलिस ने बुधवार को तीन को पकड़ लिया। रवि (22) रेलवे स्टेशन के पास मिला जबकि बबलू (23) और सोमारू (19) को आश्रय गृह रोड से पुलिस ने पकड़ा। चौथे संवासी आजम (19) की तलाश में पुलिस टीम जुटी है। पूछताछ में सामने आया कि रवि ही तीनों को अपने साथ लेकर आश्रय गृह से निकला था। उसने पहले से भागने की साजिश कर रखी थी।
पुलिस के मुताबिक, रवि करीब एक साल से आश्रय गृह के अधीक्षक से बाहर जाने की अनुमति मांग रहा था। वह खुद को ठीक बताते हुए कहता था कि अब वह यहां नहीं रहना चाहता। अधीक्षक कागजी कार्रवाई पूरी न होने का हवाला देकर उसे बाहर जाने की अनुमति नहीं देते थे। इसके बाद रवि ने आश्रय गृह से भागने की साजिश रची। इसमें तीन अन्य संवासियों को भी शामिल कर लिया। साजिश के तहत सोमवार रात करीब नौ बजे रवि ने आश्रय गृह के मुख्य गेट पर लगे दोनों तालों की चाबियां चुरा लीं। इसके बाद गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे के तार काटकर क्षतिग्रस्त कर दिए ताकि उनकी गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड न हो सकें। इसके बाद चारों मुख्य गेट खोलकर आश्रय गृह से बाहर निकल गए।
आश्रय गृह से निकलने के बाद चारों रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहीं रात गुजारी। मंगलवार सुबह उन्होंने अलग-अलग दिशाओं में अपने गंतव्य के लिए जाने का फैसला किया। इसी बीच पुलिस को सर्विलांस के जरिये सुराग मिल गए और टीम ने रवि को रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर बबलू और सोमारू को आश्रय गृह रोड से पकड़ लिया। पुलिस ने आजम की तलाश में आश्रय गृह के आसपास के अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य प्रमुख स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली।