गोरखपुर में गो आश्रय गृह कान्हा उपवन में क्षमता से तीन गुना ज्यादा गोवंश रखे गए हैं। यहां क्षमता 560 पशुओं की है, जबकि वर्तमान में करीब 1400 पशु हैं। वहीं, शहर की सड़क-चौराहों पर भी छुट्टा पशुओं की भरमार है, सैकड़ों की संख्या में घूम रहे ये पशु यातायात व्यवस्था में खलल डाल रहे हैं।
नगर निगम ने अब जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। कहा गया है कि कान्हा उपवन में क्षमता से ज्यादा पशु हैं, इन्हें अन्यत्र भेजने की व्यवस्था की जाए। कान्हा उपवन के प्रभारी अधिकारी नर्वदेश्वर पांडेय ने कहा कि क्षमता से अधिक गोवंश के होने के बावजूद इनकी देखभाल बेहतर ढंग से करने का का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही डीएम को यहां से कुछ पशुओं को अन्यत्र भेजने संबंधी पत्र लिखा गया है।
पर्यवेक्षण के लिए सात अधिकारियों की लगाई ड्यूटी
कान्हा उपवन के निराश्रित पशुओं की समुचित देखभाल के पर्यवेक्षण के लिए नगर निगम के सात अधिकारियों को दिवसवार तैनाती की गई है। नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि पर्यवेक्षक अपनी देखरेख में निराश्रित पशुओं के भोजन आदि की व्यवस्था कराएंगें। कमी पाए जाने पर उच्च अधिकारियों को अवगत कराएंगे। कान्हा उपवन के प्रभारी अधिकारी नर्वदेश्वर पांडेय एवं मुख्य अभियन्ता समय-समय पर निरीक्षण करेंगे।