अदालत ने दहेज के लिए प्रताड़ना और हत्या के मामले में पति, ससुर और सास को ठहराया दोषी
गोरखपुर। दहेज हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश पंकज श्रीवास्तव ने सिकरीगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर निवासी पति कुलदीप विश्वकर्मा, ससुर रामअचल विश्वकर्मा और सास सोनमती देवी को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषियों को दो माह 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि वादी सत्य प्रकाश विश्वकर्मा, बेलघाट थाना क्षेत्र के डकही गांव के निवासी हैं। उन्होंने अपनी पुत्री खुशबू का विवाह 12 मई 2018 को कुलदीप विश्वकर्मा के साथ किया था। विवाह के कुछ समय बाद तक स्थिति सामान्य रही लेकिन बाद में पति, ससुर और सास ने अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर खुशबू को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
25 मई 2020 की शाम करीब सात बजे वादी को सूचना मिली कि उनकी पुत्री की तबीयत खराब है और उसे नेशनल हॉस्पिटल, खोआ मंडी में भर्ती कराया गया है। जब वादी अपने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे तो उन्हें जानकारी हुई कि ससुराल पक्ष ने खुशबू को जहर देकर और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।