महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र अंतर्गत तीन दोस्तों ने मरने के बाद अपने अंगों को दूसरे के शरीर में काम लाने के लिए शरीर दान का संकल्प कर चुके हैं। तीनों दोस्त मरने के बाद अपनी पार्थिव शरीर मेडिकल छात्रों के उपयोग में लाना चाहते हैं। इसके लिए तीनों दोस्त पूरे नियम के तहत बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में शरीर दान के लिए संकल्प पत्र भरकर जमाकर चुके हैं।
पनियरा क्षेत्र के तीनों दोस्त कमला प्रसाद व अजित गुप्ता निवासी हंसखोरी तथा काशीनाथ जायसवाल निवासी कौआठोर के पास कोई स्थायी रोजगार नहीं है। कमला प्रसाद बताते हैं कि रक्तदान कर लोगों की जान बचाने के दौरान ही उनके मन में ख्याल आया कि क्यों न शरीर दान कर दिया जाए। क्योंकि मरने के 72 घंटों तक आंख सहित कुछ अंग काम करते हैं। ये अंग दूसरे के शरीर को जिंदा रखने में मदद कर सकते हैं। जिसकी चर्चा उन्होंने ठेले की दुकान लगाने वाले अपने दोस्त काशीनाथ जायसवाल से की।
उसके बाद दोनों दोस्तों ने शरीर दान के लिए मन ठान ली। इसी दौरान एक जानकर से बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग से शरीर दान करने का फार्म मंगा लिया। यही नहीं दोनों दोस्तों ने विगत दो सितंबर वर्ष 2016 को अपना शरीर दान करने के लिए संकल्प पत्र भी जमा कर दिया। संकल्प पत्र जमा कराने के बाद दोनों दोस्तों ने रक्तदान एवं शरीर दान करने वालों की तलाश करनी शुरू कर दी। जिस मुहिम में कमला प्रसाद के गांव के दोस्त अजित गुप्ता शामिल हो गए। अजित भी हंसखोरी चौराहे पर बाइक रिपेयरिंग का कार्य करते हैं।
वही इस संबंध में बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के एनाटॉमी विभाग के डॉ योगेंद्र सिंह ने कहा कि इच्छुक लोग अपनी शरीर दान करने के लिए संकल्प पत्र भरकर जमा करते हैं। ऐसे लोगों की मृत्यु के बाद पार्थिव शरीर विभाग में मंगा लिया जाता है।