कोरोना महामारी के बीच गर्भवती, कमजोर इम्यूनिटी और 55 साल से ऊपर के कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। ऐसे कर्मियों के लिए शासन ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा है कि ऐसे कर्मियों की ड्यूटी कोरोना वार्ड में बिल्कुल न लगाएं। इसके अलावा बीमार कर्मियों को भी ड्यूटी में छूट दें।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित न होने पाएं, इसके लिए कर्मियों को ड्यूटी में रियायत दिया जा रहा है। गर्भवती या जिनका बच्चा तीन साल से छोटा है, कमजोर इम्यूनिटी और 55 साल से ऊपर के कर्मचारियों की ड्यूटी कोरोना वार्ड में न लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्णय डॉक्टरों और डब्लूएचओ की सलाह पर शासन ने लिया है। डॉक्टरों का मानना है कि ऐसे कर्मियों पर कोरोना वायरस का असर ज्यादा होगा। इसकी वजह से संक्रमण फैलने की संभावना भी ज्यादा रहेगी।
ऐसे में अगर एक कर्मी संक्रमित होता है या फिर एक महिला स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित होती है तो कई संक्रमण के शिकार बन सकते हैं। ऐसे हालात में इनकी ड्यूटी कोरोना वार्ड में न लगाई जाए। साथ ही कोरोना से संबंधित अन्य कामों में भी न लगाई जाए।
इनसे अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में अन्य काम लिए जाएं। बीआरडी के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार ड्यूटी लगाई जा रही है। 55 साल से ऊपर और गर्भवती महिलाओं की ड्यूटी नहीं लगा रहे हैं।