गोरखपुर। बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि मामले में जो कार्रवाई हो रही है, वह केवल लीपापोती है। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र व राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकारें हैं, तब सीआईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां इस घोटाले का पता क्यों नहीं लगा सकीं। कार्रवाई भी तब शुरू हुई, जब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को उठाया।
पांडे पांच अगस्त को लखनऊ में आयोजित जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में सपा कार्यालय पर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत आस्था और संविधान दोनों का देश है। करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं और आस्था को इस घटना से ठेस पहुंची है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद केवल कर्मचारियों, सफाईकर्मियों और ड्राइवरों पर कार्रवाई होना अपने आप में सवाल है। यह समझ नहीं आ रहा है कि चंपत राय पर सरकार इतना मेहरबान क्यों है।
सपा सांसद ने कहा कि चंपत राय को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए था। उनके खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई? यदि मंदिर के चढ़ावे और चंदे में इतनी बड़ी अनियमितता हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी उनपर भी तय होनी चाहिए। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भी इस गंभीर प्रकरण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। आज तक प्रधानमंत्री का इस मामले पर कोई बयान नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज एक प्रबुद्ध और शिक्षित समाज है। प्रदेश में भाजपा सरकार को नौ वर्ष से अधिक हो चुके हैं, लेकिन ब्राह्मणों को आज तक सम्मान और न्याय नहीं मिला। प्रदेश में सबसे अधिक एनकाउंटर मुसलमानों के बाद ब्राह्मण समाज के लोगों के हुए हैं। आज उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक विरोधियों को समाप्त करना चाहती है।
सांसद पार्टी नेताओं के साथ जिला जेल जाकर अयोध्या में चंदा चोरी प्रकरण में होर्डिंग-बैनर लगाकर विरोध दर्ज कराने वाले पार्टी नेता अरविंद शुक्ला, होर्डिंग- बैनर बनाने वाले और लगाने वाले रामचंद्र मौर्य व भरत कुमार निषाद से भी मुलाकात की।
इस दौरान सांसद रामभुआल निषाद, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष राम अवध यादव, देवरिया के जिलाध्यक्ष व्यास यादव, महराजगंज के जिलाध्यक्ष विद्या सागर यादव, पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह, नगीना प्रसाद साहनी, चितरंजन मिश्रा, रामसिंह और मनुरोजन यादव सहित अन्य कई लोग थे।