शोहरतगढ़ कस्बे के निवासी मोहम्मद यूसुफ यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए थे। वहां की स्थिति भयावह होने के बाद ऑपरेशन गंगा के जरिए वह दिल्ली आए और वहां से बुधवार को अपने घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सकुशल घर पहुंचने पर उन्हें बहुत खुशी है और इस बात का और भी हर्ष है कि मतदान में हिस्सा लेने का मौका मिला।
रूस के हमले के बाद यूक्रेन में वैसे तो अभी जिले के कई लोग फंसे हुए हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो समय रहते घर पहुंच गए और लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लिया। देश के बड़े शहरों में रोजी-रोजगार कर रहे लोगों ने भी घर आकर मतदान में हिस्सा लिया।
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शोहरतगढ़ कस्बे के निवासी मोहम्मद यूसुफ यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए थे। वहां की स्थिति भयावह होने के बाद ऑपरेशन गंगा के जरिए वह दिल्ली आए और वहां से बुधवार को अपने घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सकुशल घर पहुंचने पर उन्हें बहुत खुशी है और इस बात का और भी हर्ष है कि मतदान में हिस्सा लेने का मौका मिला।
यूसुफ ने बताया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी को मतदान में हिस्सा अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने यूक्रेन में फंसे अन्य भारतीयों के सही सलामत घर वापसी के लिए सरकार से तेजी से प्रयास करने की अपील भी की। वहीं, लोकतंत्र के उत्सव में बड़े शहरों में रहकर अपनी जीविका चलाने वाले लोगों ने भी हिस्सा लिया। उनका कहना है कि लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए मतदान का बहुत महत्व है, इसलिए वह अपने थोड़े बहुत आर्थिक नुकसान की परवाह किए बगैर वोट डालने के लिए घर आए हैं।
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डुमरियागंज विधानसभा के मतदान केंद्र जिमड़ी पर वोट डालने आए अबूबकर ने बताया कि वह पेशे से इंजीनियर हैं और दिल्ली में नौकरी करते हैं। खासतौर पर वह वोट डालने के लिए अपने परिवार के साथ घर आए हैं। इसी बूथ पर मतदान करने आए जहीरुल हसन का मुंबई में व्यवसाय है। उन्होंने बताया कि वह हर चुनाव में वोट डालने के लिए घर आते हैं। देश को मजबूत करने के लिए वोटिंग में हिस्सा लेना बहुत जरूरी है और सभी को सारे काम छोड़कर इसमें भागीदारी करनी चाहिए।