-मुख्यमंत्री ने खुद अपनी देखरेख में संपन्न कराया पूजन का अनुष्ठान
-उपराष्ट्रपति को सीएम ने भेंट की गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा, ग्रंथ और गीता प्रेस की पुस्तकें
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पहली बार गोरखपुर आए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को सैनिक स्कूल का लोकार्पण करने के बाद गोरखनाथ मंदिर जाकर महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया। साथ में उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ भी रहीं। दर्शन-पूजन का अनुष्ठान मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने खुद अपनी देखरेख में कराया। गुरु गोरखनाथ के चरणों में शीश नवाकर और महायोगी के मंदिर के गर्भगृह में प्रज्वलित अखंड ज्योति की महत्ता जानकर उपराष्ट्रपति भावविभोर हो गए।
उप राष्ट्रपति शनिवार दोपहर करीब पौने एक बजे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। वे मुख्य द्वार से गोल्फ कार्ट से मुख्य मंदिर की सीढ़ियों तक आए। रास्ते में खड़े श्रद्धालुओं का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। मंदिर में उपराष्ट्रपति के आते ही 251 वेदपाठी छात्रों ने वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच उनका दिव्य स्वागत किया। मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने के दौरान गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत योगी मिथिलेशनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, चचाईराम मठ के महंत पंचानन पुरी, द्वारिका तिवारी और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पदाधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी की अगवानी की।
मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी ने विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महायोगी गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में प्रज्वलित अखंड ज्योति का भी दर्शन कर प्रणाम निवेदित किया। पूजन के अनुष्ठान के दौरान वहां मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। गोरक्षपीठाधीश्वर ने उपराष्ट्रपति को महायोगी गोरखनाथ और मंदिर के गर्भगृह में प्रज्वलित अखंड ज्योति की महिमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी को गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा भेंटकर तथा अंगवस्त्र देकर अभिनंदन किया।
दर्शन-पूजन के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ ने सीएम योगी के साथ मंदिर परिसर स्थित पीठाधीश्वर निवास आकर सूक्ष्म जलपान ग्रहण किया। इस दौरान महायोगी गोरखनाथ के पौराणिक आख्यान, नाथपंथ के गुरुजन और गोरखनाथ मंदिर के इतिहास की जानकारी देते हुए उन्हें अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ पर तीन खंडों में प्रकाशित ग्रंथ ‘राष्ट्रीयता के अनन्य साधक महंत अवेद्यनाथ’ भेंट स्वरूप दिया। साथ ही उन्होंने गीता प्रेस से प्रकाशित कई आध्यात्मिक पुस्तकें भी उपहार स्वरूप दीं।
कुलपति, उद्योगपति सहित गणमान्य लोगों से की शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सान्निध्य में कई जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, उद्यमियों, चिकित्सकों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगाें ने गोरखनाथ मंदिर में उपराष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट की। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो पूनम टंडन, महायोगी गुरु गोरक्षनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल अतुल वाजपेयी ने भी मुलाकात की। सबका परिचय सीएम योगी ने कराया।
उप राष्ट्रपति ने पत्नी समेत सीएम के साथ किया भोजन
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने एक टेबल पर भोजन किया। गोरखनाथ मंदिर में करीब एक घंटा बिताने के बाद उपराष्ट्रपति एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें विदा करने के लिए एयरपोर्ट तक गए।
उपराष्ट्रपति की एक झलक पाने को उत्सुक दिखे श्रद्धालु
गारखपुर। उपराष्ट्रपति के आने की सूचना पर गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने आए श्रद्धालु उत्सुक दिखाई दिए। उपराष्ट्रपति के पहुंचने से पहले आम लोगों के लिए दर्शन रोक दिया गया। फिर भी दर्शन करने वाले व दर्शन कर चुके श्रद्धालु वहां से हटने का नाम नहीं ले रहे थे। उपराष्ट्रपति को एक झलक देखने के लिए श्रद्धालु इंतजार किए व उपराष्ट्रपति के मंदिर में जाने के बाद बड़े ही आस्था भाव के साथ गुरु गोरक्षनाथ के दर्शन किए।