गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रशासन ने कार्य संस्कृति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने स्पष्ट कहा है कि छात्र सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व नैक मूल्यांकन की तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।
प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में कुलपति ने कहा कि डीडीयू की पहचान अनुशासित शैक्षणिक माहौल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण से बनेगी। विभागाध्यक्षों और अधिष्ठाताओं को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक कक्षा नियमित रूप से संचालित हो और किसी भी छात्र को शिक्षक के अभाव में लौटना न पड़े।
विभागाध्यक्षों से प्लेसमेंट, शोध प्रकाशन, सतत विकास लक्ष्य, नवाचार, शोध परियोजनाओं व अन्य उपलब्धियों का अद्यतन रिकॉर्ड तैयार रखने को कहा गया। विभागीय अकादमिक ऑडिट नियमित कराने और सभी अभिलेख व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए गए। सभी विभागों को विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।