नगर निगम गोरखपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष पूर्वांचल की सबसे बड़ी विभीषिका इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) के उन्मूलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संघर्ष गाथा की डॉक्यूमेंट्री पेश करेगा। इसके साथ ही नगर निगम प्रधानमंत्री के सामने विद्युत शवदाह गृह, कान्हा उपवन समेत नगर निगम के विभिन्न योजनाओं को मॉडल के रूप में पेश करेगा।
दरअसल पांच, छह और सात अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ आ रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ‘बदलते नगरीय परिवेश’ का उद्घाटन करेंगे। वहीं प्रदेश के नगर निगमों के द्वारा उनकी अपनी उपलब्धियां भी प्रस्तुत की जाएंगी। इसी क्रम में नगर निगम गोरखपुर से इंसेफेलाइटिस पर लगाम लगाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका को डॉक्यूमेंट्री के रूप में पेश करेगा। इसमें सांसद रहते हुए योगी आदित्यनाथ द्वारा इंसेफेलाइटिस को खत्म करने के लिए सड़क से लेकर संसद तक की संघर्ष गाथा को प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके अलावा नगर निगम द्वारा बनाए गए प्रदूषणमुक्त विद्युत शवदाह गृह, छुट्टा पशुओं के आश्रय स्थल कान्हा उपवन, वन सिटी वन ऑपरेटर के तहत रामगढ़ ताल में गंदे पानी को गिरने से रोकने के लिए तोशिबा कंपनी की कार्यप्रणाली, गाड़ियों में डीजन-पेट्रोल पर निगरानी रखने के लिए लगाए गए सिस्टम रेडिया फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरआईएफडी) आदि का मॉडल पेश किया जाएगा।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पूर्वांचल की सबसे बड़ी त्रासदी इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संघर्ष गाथा को डॉक्यूमेंट्री के रूप में पेश किया जाएगा। इसके अलावा गोरखपुर नगर निगम के विभिन्न कार्यों के मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत किया जाएगा।