गोरखपुर। आठ माह से मानदेय बकाया रहने से आक्रोशित जिले के 900 मनरेगा कर्मियों की सांकेतिक कलमबंद हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। कार्य बहिष्कार के चलते जिले के 192 गांवों में चल रहे अन्नपूर्णा भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और सीसी रोड सहित कई विकास कार्य ठप हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन और ग्राम रोजगार सेवक संघ के आह्वान पर 16 से 25 अप्रैल तक सभी 20 विकास खंडों में हड़ताल की जा रही है। कर्मियों ने तहसीलों पर प्रदर्शन कर बीडीओ को ज्ञापन सौंपते हुए मानदेय, ईपीएफ और नियमितीकरण की मांग उठाई। कर्मचारियों का आरोप है कि आठ माह से मानदेय और दो वर्षों से ईपीएफ नहीं मिला, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। वहीं, मजदूरों का 30 करोड़ और सामग्री मद में करीब 100 करोड़ रुपये बकाया है। डीसी मनरेगा रघुनाथ सिंह ने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया है।