छोटी-छोटी बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
घर में पसरा सन्नाटा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
गोरखपुर। रामगढ़ताल क्षेत्र के मंझरिया बड़गो गांव में हुई घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। महंगू के परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है, जिससे उबर पाना आसान नहीं होगा। उनके पांच बेटों में से दो अक्षयवर और पप्पू अब इस दुनिया में नहीं रहे। घर में जहां पहले हंसी-खुशी का माहौल रहता था, वहीं अब हर कोना मातम में डूबा है।
अक्षयवर निषाद अपने पीछे दो बेटे विनय और रवि और दो बेटियां छोड़ गए हैं। बच्चों को अभी यह भी पूरी तरह समझ नहीं आ रहा कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। घर में बैठी उनकी मासूम आंखें बार-बार दरवाजे की ओर टिक जाती हैं, मानो पिता के लौट आने का इंतजार कर रही हों।
वहीं छोटे भाई पप्पू निषाद की मौत ने तो परिवार को और भी झकझोर दिया है। पप्पू की तीन छोटी बेटियां अमृता (9), अंशिका (6) और अर्पिता (3) अब अनाथ हो गई हैं। इन मासूम बच्चियों को अभी यह भी नहीं पता कि उनके जीवन में कितना बड़ा खालीपन आ गया है। कभी पिता की गोद में खेलने वाली ये बेटियां अब बिलखती मां से लिपटकर रो रही हैं।
परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। एक साथ दो जवान बेटों की अर्थी उठने से पूरे गांव में शोक की लहर है। पड़ोसी और रिश्तेदार भी इस घटना से स्तब्ध हैं और परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं। आर्थिक रूप से भी यह परिवार अब पूरी तरह असहाय हो गया है। दोनों भाइयों पर ही घर की जिम्मेदारी थी। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।