गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रा प्रियंका कुमारी की मौत मामले में पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल के सहारे छानबीन तेज कर दी है। कॉल डिटेल की मदद से पुलिस मौत की वजह तलाश रही है। कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई है। खबर है कि कई बार बातचीत करने वाले एक करीबी से पूछताछ हो सकती है। यह तब होगा, जब पुलिस सीन री-क्रिएट करा लेगी। पुलिस का तर्क है वह किसी को सवाल उठाने का मौका नहीं देना चाहती है।
जानकारी के मुताबिक, 31 जुलाई को छात्रा का दुपट्टे से लटकता शव यूनिवर्सिटी के गृह विज्ञान विभाग के स्टोर रूम में मिलने के बाद से ही रोजाना इस मामले में तरह-तरह के मोड़ आ रहे हैं। पहले दिन पुलिस ने खुदकुशी की आशंका जताई तो अगले ही दिन भाजपा के नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल छात्रा के घर पहुंचकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से हत्या का दावा कर दिया। इसके बाद ही पिता ने हत्या का केस दर्ज कराया है।
जो भी साक्ष्य मिले हैं, उस हिसाब से पुलिस छात्रा की खुदकुशी का दावा कर रही है। अजीब हाल यह है कि परिजन हत्या की वजह नहीं बता पा रहे हैं तो पुलिस खुदकुशी की। पुलिस को अभी फोरेंसिक जांच रिपोर्ट भी नहीं मिली है। बहरहाल, मामले को खुदकुशी मानकर पुलिस वजह की तलाश कर रही है। इसके साक्ष्य मिले तो दर्ज हत्या के केस को खुदकुशी के लिए उकसाने की धारा में तब्दील करके आगे की कार्रवाई की जा सकती है। एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु का कहना है कि मामले की छानबीन जारी है, जल्द ही मौत की वजह साफ हो जाएगी।
यह हुआ था
एससी एसटी आयोग के सदस्य शेषनाथ आचार्य, हरिनाथ कुशवाहा, कृष्णा कुमार आदि ने प्रियंका के घर पहुंच घटना की जानकारी ली।
- फोटो : अमर उजाला।
31 जुलाई को गृह विज्ञान विभाग के स्टोर रूम में प्रियंका कुमारी का शव दुपट्टे से बनाए गए फंदे से लटकता मिला था। प्रियंका के पिता विनोद कुमार ने अगले दिन रविवार को गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष और उनके सहयोगियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इसके बाद ही मृतका के पिता ने दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के परीक्षण के लिए पांच डॉक्टरों की कमेटी गठित की गई थी। इस टीम ने मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सही ठहराया था।
छात्रा की मौत की उच्चस्तरीय जांच को चार सदस्यीय समिति गठित
गुरुवार को गोरखपुर मंदिर पहुंचे कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने विश्वविद्यालय में बीएससी गृहविज्ञान तृतीय वर्ष की छात्रा प्रियंका कुमारी की मौत पर मुख्यमंत्री के सामने विश्वविद्यालय का पक्ष रखा। बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा उच्च स्तरीय चार सदस्यीय समिति का गठन किया जा रहा है। हालांकि पहले विश्वविद्यालय ने न्यायिक जांच कराने की बात कही थी। कुलपति ने बताया कि धीरे-धीरे विश्वविद्यालय परिसर का माहौल सामान्य हो रहा है।