मौसम विभाग ने शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। शनिवार रात का तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 4.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह सामान्य से 5.9 डिग्री सेल्सियस कम है। यह दिसंबर में चार साल में सबसे कम तापमान है।
ठंड का प्रकोप जारी है और तापमान में गिरावट जारी है। शनिवार रात न्यूनतम तापमान ने चार साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। रात का न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिसंबर माह में यह चार साल में सर्वाधिक कम है। इससे पहले वर्ष 2019 में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शाम होते ही ठंडी हवा चलने से गलन महसूस होने लगी।
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दिन में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने और रात में तापमान के सामान्य से पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक कम होने से इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। रात में लापरवाही बरतने वाले लोगों को ठंड के कारण सर्दी, खांसी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं से जूझना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। शनिवार रात का तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 4.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह सामान्य से 5.9 डिग्री सेल्सियस कम है। यह दिसंबर में चार साल में सबसे कम तापमान है। वहीं दिन का तापमान अब भी 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
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दिन का तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से .9 डिग्री सेल्सियस कम रहा। दिन में धूप निकलने से मौसम सुहाना रहा। लेकिन, शाम होते ही शीत लहर चलने से गलन बढ़ गई। मौसम विभाग ने अभी 17 दिसंबर तक मौसम ऐसे ही बने रहने का अनुमान जताया है।
ठंड के बदलते मौसम में बच्चे व बुजुर्गों का रखें ख्याल
फिजिशियन डॉ. राजीव जायसवाल ने बताया कि दिन और रात के तापमान में अत्यधिक अंतर होने के चलते इस असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस समय बच्चे व बड़े बुजुर्गों की सेहत का खास ख्याल रखने की आवश्यकता है। दरअसल, मौसम बदलते ही हमारी जीवनशैली भी बदलने लगती है।
ठंड के कारण धुंध बढ़ती है और धुंध से प्रदूषण के कण नीचे आ जाते हैं। इससे हार्ट की बीमारी आशंका बनी रहती है। उम्र अधिक होने के कारण बीमारी से लड़ने की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।