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Gorakhpur News: सीलिंग की भूमि पर लहलहा रही गेहूं की फसल, जिम्मेदार मौन

Sun, 15 Dec 2024 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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निचलौल। क्षेत्र के सेमरहना (बरगदही) गांव स्थित सीलिंग की भूमि को कुछ लोगों ने बैनामा कराकर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया था। मामले में शिकायत के बाद राजस्व विभाग ने सीलिंग की भूमि खरीदने वालों का नाम खतौनी से हटाकर भूमि की पैमाइश कर चारों तरफ से लाल झंडी लगा दिया था, लेकिन तहसील के ही कुछ जिम्मेदारों की लापरवाही का फायदा उठाकर कुछ भू माफिया झंडी उखाड़कर गेहूं की फसल बो दिए हैं।
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इस मामले में एसडीएम की ओर से भू माफिया के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कराने के लिए निर्देश दिया गया था, लेकिन माफिया के खिलाफ 15 दिनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
क्षेत्र पंचायत सदस्य पूनम गुप्ता ने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर बताया था कि गांव सेमरहना से संबंधित एक वाद राज्य सरकार बनाम नरसिंह मणि त्रिपाठी सीलिंग एक्ट के अंतर्गत अपर जिलाधिकारी न्यायालय में चल रहा था। उक्त न्यायालय में 28 मार्च 2023 को वाद की सुनवाई करते हुए भूमि को अतिरिक्त घोषित कर दी गई थी।
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इन्होंने आगे कहा कि सीलिंग की कुल भूमि 39.55 एकड़ में से 20.27 एकड़ भूमि कई खातेदारों को आवंटन कर दिया गया है। जबकि अभी भी गाटा संख्या 544 और 287 में 19.28 एकड़ सीलिंग भूमि बची हुई थी, लेकिन उक्त गाटा संख्या की सीलिंग भूमि को माफिया कब्जा कर लिए थे।
वहीं मामले की शिकायत के आधार पर जांच कर रिपोर्ट के आधार पर रजिस्ट्रार कानूनगो मनोज कुमार श्रीवास्तव की ओर से 16 नवंबर को आदेश जारी करते हुए सीलिंग भूमि की खतौनी से खरीदारों का नाम हटा दिया गया। उसके बाद राजस्व विभाग की टीम में शामिल राजस्व निरीक्षक मनीष पटेल, लेखपाल अनिल सिंह, भारतेंदु मिश्रा और कमलेश कुमार शर्मा मौके पर पहुंच सीलिंग भूमि की पैमाइश कर चारों तरफ से लाल झंडा लगा सीलिंग भूमि को कब्जा मुक्त करा दी, लेकिन विभाग के जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते भू माफिया ने सीलिंग की भूमि के चारों तरफ लगे लाल झंडी को उखाड़कर जबरन कब्जा कर गेहूं की फसल लगा दिए।
इस मामले में शिकायतकर्ता ने एसडीएम को सूचना दी। सूचना के बाद सीलिंग की भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसडीएम ने तहसीलदार को निर्देशित किया, लेकिन 15 दिनों बाद भी तहसीलदार की ओर से भू माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की पहल नहीं की गई। ऐसे में लोग तहसील के जिम्मेदारों के कार्य पर कई तरह के सवाल उठाने लगे हैं।

एसडीएम शैलेंद्र गौतम ने बताया कि मामले में सीलिंग की भूमि पर लगे झंडी को उखाड़ कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया गया है। मामले में अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसकी जानकारी तहसीलदार से लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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