पुलिस की जांच में पता चला कि पीड़िता के पिता ड्राइवर हैं, जबकि मां घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं। साधारण परिवार और सीमित आय के बीच पल रही किशोरी को यह जीवन रास नहीं आता था। वह सोशल मीडिया पर रील बनाती थी और वहां दिखने वाले लोगों की तरह हाईप्रोफाइल और आलीशान जिंदगी जीना चाहती थी। इसी चाहत में उसकी दोस्ती इंस्टाग्राम पर सलून में काम करने वाले 15 वर्षीय किशोर से हो गई।
होटल में बंधक बनाकर किशोरी के साथ हुई हैवानियत ने सोशल मीडिया के खतरनाक प्रभाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है। अमीरों जैसी जिंदगी जीने के सपने देखने वाली पांचवीं पास किशोरी सोशल मीडिया के जाल में फंसी तो फंसती चली गई।
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वह इंस्टाग्राम पर झूठी हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल दिखाने वाले किशोर (असल में सलून में काम करता है) के प्रेमजाल में फंस गई। किशोरी के कदम बहके तो वह घर-बार छोड़कर उसके साथ चली गई। नतीजा यह रहा कि प्रेमी ने तो हैवनियत की ही, उसके छोड़ जाने के बाद सांत्वना देने वालों ने भी।
आरोपियों के चंगुल से छूटी 13 वर्षीय किशोरी अब अफसोस जता रही है कि वह सोशल मीडिया के चक्कर में क्यों फंसी। पुलिस की जांच में पता चला कि पीड़िता के पिता ड्राइवर हैं, जबकि मां घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं। साधारण परिवार और सीमित आय के बीच पल रही किशोरी को यह जीवन रास नहीं आता था।
वह सोशल मीडिया पर रील बनाती थी और वहां दिखने वाले लोगों की तरह हाईप्रोफाइल और आलीशान जिंदगी जीना चाहती थी। इसी चाहत में उसकी दोस्ती इंस्टाग्राम पर सलून में काम करने वाले 15 वर्षीय किशोर से हुई। सोशल मीडिया पर खुद को संपन्न और स्टाइलिश दिखाने वाले इस लड़के से वह प्रेम करने लगी।
किशोरी ने अपने इंस्टाग्राम स्टेट्स में बीएफ माई जान तक लिखा था, जिससे साफ था कि वह उसे जान से भी ज्यादा मानने लगी थी। किशोरी ने कक्षा पांच के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी लेकिन इंस्टाग्राम पर लगातार सक्रिय रहने के कारण वह अंग्रेजी बोलने लगी थी और बीएफ-जीएफ जैसे शॉर्ट शब्दों का इस्तेमाल करती थी। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान भी वह इसी तरह की भाषा में बात करती रही।
होटल का खर्च उठाना पड़ा भारी तो किशोरी को छोड़कर भाग गया प्रेमी
एक जनवरी को प्रेमी के कहने पर किशोरी घर छोड़कर उसके साथ चली गई। दोनों होटल में रुके। जब होटल का खर्च उठाना प्रेमी के बस से बाहर हो गया तो वह किशोरी को वहीं छोड़कर भाग गया। उस वक्त किशोरी के पास घर लौटने का मौका था, लेकिन अमीर बनने और हाई-फाई जिंदगी जीने का सपना उसे घर लौटने से रोक रहा था।
उसने होटल में काम करने की बात कही और किसी भी हाल में घर न लौटने की जिद पर अड़ी रही। 10 जनवरी को प्रेमी एक बार फिर होटल पहुंचा और किशोरी को एक मॉल में फिल्म दिखाने ले गया। उसने भरोसा दिलाया कि जल्द सब ठीक हो जाएगा।
इसी दौरान होटल मालिक धीरेंद्र सिंह, मैनेजर आदर्श पांडेय और बड़हलगंज के स्पा सेंटर संचालक अंकित कुमार ने किशोरी की मजबूरी का फायदा उठाया। आरोप है कि नशीली दवाएं देकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया। हालत बिगड़ने पर आरोपियों ने ही उसका इलाज कराया ताकि मामला सामने न आए।
शर्म और सामाजिक बदनामी के डर से किशोरी घर लौटने को नहीं थी तैयार
पुलिस की जांच में पता चला कि दुष्कर्म की शिकार किशोरी शर्म और सामाजिक बदनामी के भय से घर लौटने को तैयार नहीं थी। उधर, परिजन लगातार पुलिस से गुहार लगा रहे थे। दबाव बढ़ने पर गोरखनाथ पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और किशोरी को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया।
पुलिस के अनुसार, किशोरी ने बयान में कहा कि छह महीने के प्यार ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। उसने बताया कि हर जगह उसे धोखा मिला। पिता की उम्र के लोग भी प्यार से पेश आए, लेकिन नजदीक आते ही उनका असली चेहरा सामने आ गया। सभी ने दुष्कर्म किया। उन्हें उसकी मजबूरी नहीं, सिर्फ उसका शरीर दिखता था, यह कहते हुए वह रो पड़ी।