- रामजानकी मार्ग के निर्माण के लिए सिकरीगंज से धनघटा तक दो माह तक यात्रा पर लगी रोक
- वैकल्पिक मार्ग की करनी चाहिए थी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
कुईं बाजार। रामजानकी मार्ग सिकरीगंज से धनघटा तक सोमवार को डायवर्जन होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि संबंधित विभाग को तब डायवर्जन करना चाहिए था। पहले से आने-जाने के लिए किसी मार्ग की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। वर्तमान में सिर्फ बैरिकेडिंग ही किया गया है। पुल पर रिपेयरिंग से संबंधित अभी कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।
सोमवार को शाम छह बजे के बाद सिकरीगंज स्थित कुआनो नदी के पुल के दोनों तरफ संबंधित विभाग की ओर से बैरिकेडिंग कर दिया गया। इस दौरान पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुल के दोनों तरफ बैरिकेडिंग के चलते वाहन वापस जाते नजर आए।
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के जेई आनंद प्रकाश ने बताया कि एनएचएआई की ओर से जो निर्देश दिया गया है उसका पालन किया जा रहा है। वैकल्पिक मार्ग के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
बोले लोग
इस तरह से बैरिकेडिंग करना गलत है। बच्चों का बोर्ड परीक्षा चल रहा है। ऐसे में उन्हें किस रास्ते से ले जाया जाएगा, यह समझ में नहीं आ रहा है। सिकरीगंज आने के लिए बैजुनाथ के रास्ते बंधे से होते हुए सोपाइघाट लगभग 10 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ेगी। विभाग को यह कार्य करने से पहले वैकल्पिक मार्ग की उचित व्यवस्था करनी चाहिए थी। - कुंदन मिश्र, यात्री
सिकरीगंज बाजार में जाने-आने के लिए यही एक नजदीकी मार्ग है। यदि दिन या रात में कोई मरीज बीमार पड़ता है तो उसके उपचार के लिए लोहरैया से कुरी बाजार-शंकरपुर होते हुए बेलघाट से सिकरीगंज लगभग 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। - संदीप यादव, राहगीर
बंसवारी गांव कुआनो पुल से सिकरीगंज आने के लिए लोहरैया के रास्ते पहुंचने के लिए लगभग 45 किलोमीटर की दूरी तय कर पड़ेगी वो भी पगडंडी का रास्ता है। रोड जर्जर होने के कारण इस रास्ते भारी वाहनों के साथ ही छोटे वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बोर्ड परीक्षा के बाद डायवर्जन करना चाहिए था। - संजय, राहगीर
सिकरीगंज पुल पर लगा जाम और लोगों की प्रतिक्रिया
सिकरीगंज पुल पर लगा जाम और लोगों की प्रतिक्रिया
सिकरीगंज पुल पर लगा जाम और लोगों की प्रतिक्रिया
सिकरीगंज पुल पर लगा जाम और लोगों की प्रतिक्रिया