गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पेड़ों की कटाई के मामले में वन विभाग की टीम सोमवार से जांच शुरू कर सकती है। शनिवार को परिसर में पेड़ों की कटाई तो नहीं हुई लेकिन विभिन्न पहलुओं को लेकर दिनभर चर्चाएं होती रहीं।
डीडीयू परिसर और आवासीय क्षेत्रों में कुल 1192 पेड़ काटे जाने की अनुमति वन विभाग की ओर से अप्रैल में दी गई थी। इनमें एक हजार से अधिक पेड़ सागौन के हैं। इसके लिए पीलीभीत की एक कंपनी को टेंडर मिला है। करीब 10 दिन पहले पेड़ों की कटाई शुरू हो गई थी। 13 मई से इस मामले को लेकर छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे थे। अलग-अलग छात्र समूहों का आरोप था कि दो से तीन हजार तक पेड़ काटे जा चुके हैं। शुक्रवार को भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने वन विभाग से जांच का आग्रह किया था। इसके बाद वन विभाग ने जांच के लिए समिति गठित कर दी है।
डीडीयू से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पिछले 10 दिनों में 600-800 के बीच पेड़ काटे गए हैं। बताया जा रहा है कि वन विभाग की टीम कैंपस में विभिन्न स्थानों पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगी।