माता-पिता के साथ आईपीएस ऐमन जमाल।
- फोटो : अमर उजाला
नौशीन को मिठाई खिलाते पिता अब्दुल कयूम, माता जेबा खातून और बहन नगमा
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मां-बाप के त्याग से नौशीन को मिली कामयाबी
यूपीएससी में कामयाबी हासिल कर देश भर में गोरखपुर का डंका बजाने वाली नौशीन आज हर युवाओं की प्रेरणा है। खासतौर पर मुस्लिम लड़कियों के लिए वह आइडियल हो चुकीं हैं। इसके लिए जितना श्रेय उनका है, उतना ही उनके माता-पिता का भी है।
गोरखपुर आकाशवाणी में इंजीनियर रहे अब्दुल कय्यूम और उनकी पत्नी जेबा खातून ने बेटी की कामयाबी के लिए लाखों जतन किए। पिता की मानें तो उन्होंने कभी बेटी के साथ भेदभाव नहीं किया। अच्छी से अच्छी सुविधा देने की कोशिश तो की ही, वहीं जब वह पढ़ती तो घर में उसके पढ़ने के लिए वैसा ही माहौल होता।
नौशीन की पढ़ाई के दौरान घर में न तो टीवी चलता और न ही उसकी एकाग्रता भंग करने वाले दूसरी कोई चीज होने दी जातीं। पिता का कहना है कि उन्होंने बेटी को कभी बेटी नहीं समझा, हमेशा ही एक सदस्य के तौर पर देखा और इसकी परवाह किए बगैर कि लोग क्या कहेंगे, उन्होंने उसकी हर ख्वाहिश और जरूरतें पूरी कीं।
उन्होंने बताया कि फिलहाल सेलेक्शन के बाद वह दिल्ली गईं थीं, जहां जामिया यूनिवर्सिटी की ओर से उन्हें खास यूपीएससी अभ्यर्थियों को गाइड करने के लिए बुलाया गया है।