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Gorakhpur News: जिला महिला अस्पताल में छेड़खानी का आरोपी कर्मचारी सस्पेंड

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सोमवार को पीड़ित महिला और आरोपी कर्मचारियों को जांच टीम ने बुलाया, दर्ज होगा बयान
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- जहां भी महिलाओं की हाेगी जांच वहां एक महिला कर्मचारी और गार्ड की लगेगी ड्यूटी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिला महिला अस्पताल में महिला से छेड़खानी के आरोपी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही जांच टीम ने पीड़ित महिला और आरोपी कर्मचारी को बयान दर्ज कराने के लिए सोमवार को बुलाया है। वहीं, व्यवस्था में सुधार करते हुए अब तय किया गया है कि जहां भी महिलाओं की जांच की जाएगी, वहां एक महिला कर्मचारी और गार्ड की ड्यूटी लगाई जाएगी।
महिला का आरोप था कि अल्ट्रासाउंड कक्ष में जांच के नाम पर कर्मचारी ने महिला के कपड़े उतरवाए और अश्लील हरकतें की। विरोध पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना की जांच के लिए गठित टीम में डॉ. एके झा, डॉ. अनीता सिंह और डॉ. प्रियंका सिंह शामिल हैं।
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जांच टीम के अध्यक्ष डॉ. एके झा ने बताया कि जांच शुरू हो गई है। सोमवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया है। जल्दी ही इसकी रिपोर्ट दे दी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। एसआईसी डॉ. जय कुमार ने बताया कि अब जहां भी महिलाओं की जांच की प्रक्रिया होगी, वहां एक महिला कर्मचारी और और गार्ड की तैनाती की जाएगी।


पुरुष कर्मचारी करते हैं अल्ट्रसाउंड जांच..महिलाएं जताती हैं आपत्ति
- तीन जगह अल्ट्रासाउंड होता है लेकिन बस एक ही महिला डॉक्टर
गोरखपुर। जिला महिला अस्पताल में महिलाओं की अल्ट्रसाउंड जांच पुरुष डॉक्टर और स्टॉफ करते हैं। इसे लेकर महिलाएं आपत्ति भी जताती हैं। महिला के साथ हुई छेड़खानी के बाद शनिवार को जांच कराने आईं महिलाएं डरी-सहमी दिखीं। उनका कहना था कि जांच के लिए महिलाकर्मी की ड्यूटी होनी चाहिए।
महिला अस्पताल में तीन जगह अल्ट्रासाउंड होता है लेकिन बस एक ही महिला डॉक्टर हैं और रोजाना 200 से ज्यादा अल्ट्रासाउंड होता है। शनिवार को दोपहर 12:30 बजे रानीडीहा की रिंकी ने बताया कि पुरुष स्टॉफ से अल्ट्रासाउंड करवाने में असहज महसूस होता है लेकिन अस्पताल में बस एक ही डॉक्टर हैं। मजबूरी में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। इसी तरह खजनी की रोशनी ने बताया कि महिला के साथ हुई घटना के बाद अल्ट्रासाउंड करवाने में डर लग रहा था लेकिन मजबूरी में करवाना पड़ा है।
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एम्स में महिला कर्मचारी करती हैं अल्ट्रासाउंड, डेट मिलने में होती है समस्या
गोरखपुर। एम्स में डॉक्टर को दिखाना जितना आसान है, जांच करवाना उससे कहीं ज्यादा मुश्किल हो रहा है। डॉक्टर मरीज को देखने के बाद जांच के लिए लिख तो दे रहे हैं लेकिन कुछ जांच के लिए मरीजों को एक-दो दिन के अंदर नंबर मिल जाता है। जांच तो महिलाएं करती हैं लेकिन डेट लगभग एक महीने बाद का मिलता है। मरीजों ने बताया कि जांच सही से होती है लेकिन डेट समय से न मिलने की वजह से जिला अस्पताल या निजी अस्पताल में करवाना पड़ता है।
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