- तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेगी समिति, वाद और संपत्ति अनुभाग के लिपिकों के पटल भी बदले
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में काम के एवज में अनुचित धनराशि मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्राधिकरण ने आरोपी लिपिक निर्मल सिंह को निलंबित कर दिया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लिपिक निर्मल सिंह पर अपने पटल पर काम के बदले अनुचित धनराशि मांगने का आरोप सामने आया। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए निलंबन की कार्रवाई की। प्रकरण की विस्तृत जांच विशेष कार्याधिकारी संजीव कुमार दीक्षित की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति करेगी। समिति अपनी रिपोर्ट उपाध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लिपिक के खिलाफ विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि प्राधिकरण में कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक फेरबदल भी किया गया है। इसके तहत वाद अनुभाग के लिपिकों को संपत्ति अनुभाग और संपत्ति अनुभाग के लिपिकों को वाद अनुभाग में तैनात किया गया है। प्राधिकरण प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।