अतिक्रमण को हटाकर व्यावसायिक परिसर को मूल स्वरूप में लाया गया
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की प्रवर्तन टीम ने शुक्रवार को बुद्ध विहार पार्ट-ए व्यावसायिक योजना में अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया। हालांकि, जिस स्थान पर सीढ़ी के पास अतिक्रमण की शिकायत मिली थी, वहां संबंधित व्यापारी ने कार्रवाई से पहले ही अपना सामान हटाकर कब्जा स्वयं समाप्त कर दिया। इसके बावजूद कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन टीम, पुलिस बल और जेसीबी मौके पर मौजूद रहे।
जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल को सूचना मिली थी कि बुद्ध विहार पार्ट-ए के व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में रास्तों, फुटपाथों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जे किए गए हैं। इसके बाद उनके निर्देश पर सहायक अभियंता संजीव तिवारी और अवर अभियंता राकेश कुमार के नेतृत्व में प्रवर्तन दल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखने के निर्देश दिए।
कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने एक स्वर में सीढ़ी के पास प्रस्तावित टॉयलेट ब्लॉक के निर्माण का विरोध किया। उनका कहना था कि पहले भी कॉम्प्लेक्स में बनाए गए शौचालय गंदगी और उचित रखरखाव के अभाव में बंद करने पड़े थे। ऐसे में उसी तरह की समस्या दोबारा पैदा होने की आशंका है, इसलिए नए स्थान पर टॉयलेट का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
व्यापारियों ने सुझाव दिया कि यदि जीडीए चाहे तो सीढ़ी के पास खाली स्थान को किसी दुकानदार को नियमानुसार आवंटित कर सकता है लेकिन वहां शौचालय का निर्माण न कराया जाए। वहीं, जीडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की किसी भी आवासीय या व्यावसायिक योजना में अवैध अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे मामलों में अभियान चलाकर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।