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फॉरेक्स ट्रेडिंग का जाल: ऑनलाइन गेमिंग में मुनाफे का दे रहे थे झांसा, होटल में चल रही मीटिंग-4 आरोपी गिरफ्तार

Sun, 22 Mar 2026 02:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तारामंडल स्थित एक होटल में कुछ लोग फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन गेमिंग में निवेश के नाम पर झांसा दे रहे हैं। गिरोह अधिक लाभ का लालच देकर सैकड़ों लोगों से रुपये ऐंठ चुका था और नए निवेशकों को भी फंसाने की साजिश रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने होटल में छापा मारा और मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
 
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गिरफ्तार चारों आरोपी - फोटो : स्त्रोत- पुलिस
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विस्तार
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रामगढ़ताल थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग में निवेश और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए शुक्रवार रात में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने फर्जी बैंक खातों के जरिये निवेशकों से लिए एक अरब रुपये की रकम की क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग की और लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी की।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंबेडकरनगर के जहांगीरगंज, लखनडीह निवासी अजीत यादव, बलिया के बांसडीह, छोटकी सेढिया निवासी पारतेश सिंह, कुशीनगर के बृजमनगंज आलमचक निवासी अजय कुमार और सेनुआ निवासी गणेश साहनी के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में नोएडा निवासी अजय व शाहजहांपुर निवासी ऋषभ की तलाश कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तारामंडल स्थित एक होटल में कुछ लोग फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन गेमिंग में निवेश के नाम पर झांसा दे रहे हैं। गिरोह अधिक लाभ का लालच देकर सैकड़ों लोगों से रुपये ऐंठ चुका था और नए निवेशकों को भी फंसाने की साजिश रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने होटल में छापा मारा और मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी के दौरान उनके पास से लैपटॉप, कई मोबाइल फोन, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और विभिन्न खातों की यूजर आईडी व पासवर्ड संबंधी डिटेल बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी और किराए पर लिए गए बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे। इन खातों में लोगों से निवेश के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। 
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इसके बाद वही पैसे क्रिप्टो ट्रेडिंग में लगाकर निवेशकों को झूठे मुनाफे के आंकड़े दिखाए जाते और अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता था। जब निवेशक अपनी रकम वापस मांगते, तो उन्हें टालमटोल किया जाता या संपर्क तोड़ दिया जाता।

थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव के अनुसार, यह गिरोह गैरकानूनी तरह से योजनाएं संचालित कर रहा था। मामले में कई पीड़ितों के सामने आने की संभावना है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों का ब्योरा खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी की कुल रकम कितनी है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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