गोरखपुर। जिले में सीलिंग की जमीनों की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए डीएम ने एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया है। यह कमेटी सीलिंग की जमीनों का मौका-मुआयना करेगी और जिन जमीनों पर कोर्ट का फैसला आ चुका है, उन्हें अलग छांटेगी। इसके बाद लैंड बैंक की सूची तैयार की जाएगी, ताकि ऐसी जमीनों पर कोई परियोजना लाई जाए तो भविष्य में किसी तरह की बाधा न आए।
जिले में सबसे ज्यादा सीलिंग की जमीनें चौरीचौरा में हैं, लगभग 1600 एकड़। इनमें कई लोगों के पक्ष में दस्तावेज हैं और कुछ मामलों में लोग कोर्ट में अपील कर चुके हैं। सरकारी दस्तावेजों में फिलहाल पुराने नाम ही दर्ज हैं। मलमलिया गांव के पास 214 एकड़ सरकारी जमीन प्रशासन ने मुक्त कराई थी लेकिन कुछ लोगों ने हाईकोर्ट का रुख किया है। इसी तरह खोराबार के सिंघड़िया में भी सीलिंग की जमीनें मौजूद हैं।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि कमेटी जल्द ही गठित की जाएगी, जो सभी जमीनों का परीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी। इस प्रक्रिया के बाद जिले में कितनी भूमि है जिसका उपयोग किया जा सकता है, इसका स्पष्ट आंकड़ा सामने आएगा।