फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: 'रावण' को याद आए राम... मांग रहा रामायण- परिवार में तीन की हत्या का है आरोपी

Sun, 25 May 2025 12:32 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

बांसगांव इलाके के भैंसारानी गांव में नवंबर 2024 को डेढ़ साल के दिव्यांश की सिर कूचकर हत्या कर दी गई थी। आरोप में पड़ोस में रहने वाले सिरफिरे रंजीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। आरोपी ने पुलिस को बताया था कि दिव्यांश को हंसता देखकर उसका सिर कूच दिया था।
विज्ञापन
गोरखपुर जिला कारागार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झंगहा इलाके में दादा-दादी समेत तीन की हत्या के आरोपी पोते रामदयाल मौर्य (25) को जेल में बंदी रावण कहकर बुलाते हैं। सनकी मिजाज होने की वजह से मानसिक रोग के डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। इधर, रामदयाल उर्फ रावण जेल से छूटने के लिए भगवान राम की पूजा कर रहा है।
विज्ञापन


जेल अधीक्षक से उसने रामायण और गीता मांगी है, ताकि वह पढ़कर अपने पाप का प्रायश्चित कर सके। ऐसे ही कई और बंदी हैं, जिन्होंने सनक में अपराध कर दी, अब प्रायश्चित करने के लिए पूजा पाठ में जुटे हैं।

फावड़े से हत्या कर शव के पास बैठा गया था पोता
झंगहा थाना क्षेत्र मोतीराम अड्डा कोईरान टोला में 28 फरवरी 2025 को पोते रामदयाल मौर्य ने दादा, दादा के भाई और दादी की फावड़े से हत्या कर दी थी। तीनों के मरने तक उनके शव के पास ही बैठा रहा। मृतकों की पहचान कुबेर मौर्य (72), साधु मौर्य (75) और कुबेर की पत्नी द्रौपदी देवी (70) के रूप में हुई।

पुलिस के मुताबिक, घर में बंधे भैंस के पड़वे को रामदयाल फावड़े से मार रहा था। इसका विरोध करने पर तीन लोगों की हत्या कर दी। पूछताछ में उसने बताया कि रावण वध में बाधक बने लोगों का अंत किया है। पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे जेल भिजवाया, वहां भी उसे हर कोई रावण नजर आने लगा। कुछ लोगों पर हमला भी कर दिया। इस वजह से जेल में उसे बंदी रावण कहकर बुलाने लगे।

सिर कूचकर मासूम की हुई थी हत्या, छह माह बाद भी इंतजार
बांसगांव इलाके के भैंसारानी गांव में नवंबर 2024 को डेढ़ साल के दिव्यांश की सिर कूचकर हत्या कर दी गई थी। आरोप में पड़ोस में रहने वाले सिरफिरे रंजीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। आरोपी ने पुलिस को बताया था कि दिव्यांश को हंसता देखकर उसका सिर कूच दिया था।

जेल प्रशासन के मुताबिक, रंजीत को कुछ दिन तक अस्पताल में रखा गया था, अब बैरक में भिजवा दिया गया है। उसकी हर माह डाक्टर जांच करते हैं। उससे मिलने जेल में कोई नहीं आता है। वह डॉक्टरों और बंदी रक्षकों से अपने छूटने के बारे सवाल करता है। खाली समय में बैठकर गीता और रामायण पढ़ता है। उसे किताबें पढ़ने का शौक है।

परिवार के चार सदस्यों की हत्या, अब जेल में कर रहा पूजा-पाठ
चिलुआताल के दहला गांव में 14 दिसंबर 2024 की देर रात में दो भाइयों को परिवार समेत कमरे में बाहर से ताला लगाकर आरोपी बड़े भाई बेचन निषाद ने थिनर (तारपीन का तेल) डालकर आग लगा दी थी। आगजनी में बृजेश निषाद (32), पत्नी मधु (28), बच्ची रिद्धिमा (03), अरविंद निषाद (30) और उसकी पत्नी माला (25) झुलस गए थे। इलाज के दौरान बृजेश, उनकी पत्नी मधु, अरविंद और उनकी पत्नी माला की मौत हो गई थी।

बच्ची रिद्धिमा को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। इस घटना के बाद आरोपी बेचन निषाद और उसकी पत्नी सोनम देवी उर्फ शांति को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भिजवाया था। जेल में बंद बंदियों ने बेचन से कहा कि चार हत्या का आरोप है, इसलिए तुम्हारी जमानत होना मुश्किल है। इसके बाद से ही बेचन ने जेल से छूटने के लिए पूजा पाठ शुरू कर दिया है। गीता और रामायण भी पढ़ रहा है।
विज्ञापन

पिता की हत्या का पछतावा, गीता पढ़कर कर रहा पश्चाताप
पिपराइच के हरखापुर में 26 सितंबर 2024 की रात बेटे ने अपने पिता को ईंट से कूचकर मार डाला था। घटना के बाद इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। पुलिस के मुताबिक, हरखापुर निवासी कन्हैया तिवारी 26 सितंबर की रात शराब पीकर घर आया था।

इस दौरान पिता सत्यप्रकाश तिवारी (50) से कहासुनी के बाद ईंट से उनका सिर कूच दिया। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी। मामा की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपी कन्हैया तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। जेल सूत्रों की मुताबिक, आरोपी बार-बार जमानत के बारे में पूछता है। उसकी पैरवी कोई नहीं कर रहा है। दिन और रात जेल से छूटने के लिए गीता और रामायण पढ़ रहा है।

जेल में बंदियों की मांग पर ढेर सारी अच्छे लेखकों की किताबें मंगाकर लाइब्रेरी बनाई गई है। इसके अलावा उनकी मांग पर रामायण और गीता भी मंगाकर बंदियों में वितरित किया गया है: दिलीप कुमार पांडेय, जेल अधीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें