गोरखपुर में शहाना निशा उर्फ सुहानी की मौत के मामले में आरोपी दरोगा राजेंद्र सिंह को सोमवार को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। कोतवाली पुलिस ने एलआईयू की विशेष शाखा में तैनात दरोगा राजेंद्र सिंह पर शहाना को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोपी दरोगा बलिया के रेवती थानाक्षेत्र के श्रीनगर गांव का रहने वाला है।
बेलीपार के भीटी गांव निवासी शहाना कोतवाली इलाके के बक्शीपुर में किराए पर कमरा लेकर रहती थीं। वह जिला अस्पताल में संविदाकर्मी थीं। 15 अक्तूबर की सुबह कमरे में फंदे से लटकती उनकी लाश मिली थी। घुटने जमीन पर टिके थे। करीब एक वर्ष का उनका बेटा मां को पकड़कर रो रहा था। पास के कमरे में मौजूद दरोगा राजेंद्र सिंह ने मकान मालिक व अन्य को मामले की सूचना दी थी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने दरोगा राजेंद्र सिंह को ही गिरफ्तार किया। सोमवार को ही दरोगा का मेडिकल कराया गया। इसके बाद कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर दरोगा को जेल भेज दिया गया।
एसएसपी से मिले परिजन, हत्या का केस दर्ज करने की मांग
शहाना के परिजनों ने सोमवार को एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से मिलकर हत्या की धारा में केस दर्ज कराने की मांग की है। एसएसपी ने आरोपित को सख्त सजा दिलाने का भरोसा दिलाया है। इससे पहले परिजन बक्शीपुर के उस मकान पर गए, जहां शहाना का शव दुपट्टे के फंदे से लटका मिला था। शहाना के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने घर में घुसने तक नहीं दिया। आरोप है कि शहाना की मां तैरून्निशा, बहन सब्बो, जीजा जावेद व मामा इसरायल को जबरन कोतवाली में बैठा लिया गया। जेल भेजने तक की धमकी दी गई।